प्राईवेट बस स्टैण्ड का नहीं रहा कोई धनी धोरी!

 

 

अव्यवस्थाओं के साये में चल रहा प्राईवेट बस स्टैण्ड

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। शहर के प्राईवेट बस स्टैण्ड में अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका निर्माण यात्री बसों सहित यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए व्यवस्थित ढंग से किया गया था। इसके साथ ही पक्की दुकानों का निर्माण भी करवाकर नीलामी द्वारा दुकानें आवंटित कर दी गयीं थीं।

नगर पालिका परिषद की कथित अनदेखी के चलते बस स्टैण्ड के चारों ओर गुमठियां सहित अन्य अवैध अतिक्रमण की चपेट में आने के कारण बस स्टैण्ड में अव्यवस्था फैल गयी है। बस स्टैण्ड क्षेत्र में यात्री बसें बेतरतीब ढंग से खड़ी की जा रही हैं। इससे अन्य बसों के आने – जाने में असुविधा हो रही है।

बस स्टैण्ड मार्ग के आसपास अवैध रुप से गुमठी और हाथ ठेलों पर हो रहे कारोबार के चलते आवागमन में असुविधा हो रही है। यहाँ सामग्री बिक्री करने वाले सारे दिन यहाँ अपना व्यवसाय करते हैं, जिस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यहाँ विवाद की स्थिति भी निर्मित हो चुकी है।

इस क्षेत्र में अब स्थान कम रहने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। बस स्टैण्ड में नगर पालिका द्वारा व्यवस्थित ढंग से कार्य योजना लागू नहीं किये जाने के कारण बस स्टैण्ड अब अव्यवस्थाओं की गिरफ्त में है। नगर पालिका परिषद के द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दिये जाने से अब यहाँ अराजकता पूरी तरह हावी ही प्रतीत हो रही है।

बस चालकों के द्वारा जगह – जगह रूककर सवारियां भरने के चलते यहाँ के दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हुए बिना नहीं है। दुकानदारों का आरोप है कि प्राईवेट बस स्टैण्ड से छूटने वाले वाहन रेंगते हुए लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाजू वाले मार्ग पर खड़े रहते हैं जिसके चलते आये दिन विवादों की स्थिति निर्मित होती रहती है।

व्यापारियों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्राईवेट बस स्टैण्ड में प्रवेश करने वाली यात्री बसों में से अनेक यात्री बसों को यहाँ प्रवेश का अधिकार है भी अथवा नहीं, इस बारे में न तो यातायात पुलिस ही जाँच करती है और न ही परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी ही कभी सुध लेते नज़र आते हैं।

व्यापारियों की मानें तो प्राईवेट बस स्टैण्ड से लक्ष्मी नारायण मंदिर तक रेंगती हुईं चलने वाली यात्री बस सवारियों को भरने के लिये सड़क किनारे दस पंद्रह मिनिट खड़ी रहती हैं, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हुए बिना नहीं रहता है। व्यापारियों ने कहा कि अनेक बार शिकायत करने का नतीज़ा भी सिफर ही निकला है।

उन्होंने बताया कि यात्री बस के खड़े हो जाने के कारण उनके प्रतिष्ठानों में आने – जाने वाले लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि बस चालकों, परिचालकों को यात्री बस उनके प्रतिष्ठानों के सामने खड़ा न करने की बात कहने पर एजेंट्स के द्वारा दुकानदारों से वाद विवाद भी किया जाता है।