पाँच बरस बाद फिर विद्यार्थी होंगे मोगली की कर्मभूमि से रूबरू

 

 

स्थानीय विद्यार्थियों में से अधिकांश को नहीं पता पेंच के महत्व के बारे में!

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। मशहूर ब्रितानी घूमंतु पत्रकार रूडयार्ड क्पिलिंग की प्रसिद्ध किताब द जंगल बुक के किरदार मोगली की कथित कर्मभूमि पेंच नेशनल पार्क में पाँच सालों बाद एक बार फिर मोगली उत्सव मनाया जायेगा। इसके पहले 2014 में अंतिम बार यहाँ मोगली उत्सव का आयोजन किया गया था।

वन विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्रदेश के 52 जिलों से चयनित विद्यार्थी मोगली मित्र बनकर इस आयेाजन के साक्षी बनेंगे। इस दौरान अलग – अलग कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वन एवं पर्यावरण तथा वन्य जीवों का जीवन चक्र, खान पान आदि से रूबरू कराया जायेगा। इस आयोजन में जिले के 16 तो प्रदेश के अन्य 51 जिलों के आठ – आठ विद्यार्थी एवं दो-दो शिक्षक शामिल होंगे।

1989 में बना था मोगली पर सीरियल, दीवाना हो गया था जापान : भारत के जंगलों में पाये जाने वाले मोगली के बारे में उसकी खासियतें रूडयार्ड क्पिलिंग नामक अंग्रेज लेखक ने पहचानी, लेकिन इसे फिल्माने का काम जापान ने किया। जापान में सिवनी के इस बालक के कारनामों के बारे में 1989 में एक 52 एपिसोड वाला सीरियल तैयार किया गया था।

द जंगल बुक मोगली नाम से बनाये गये इस एनिमेटेड सीरियल को जब टीवी पर प्रसारित किया गया, तो जापान का हर व्यक्ति मोगली का दीवाना हो गया। यह सीरियल जब भारत में प्रसारित हुआ तो देश भर में सिवनी का नाम पर्यटन के नक्शे में उभरकर सामने आया था।

चयनित विद्यार्थियों को दो वर्गाे में शामिल किया जायेगा। पाँचवीं से आठवीं तक के विद्यार्थी कनिष्ठ वर्ग और नवमीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी वरिष्ठ वर्ग में शामिल होंगे। इस बार राज्य शिक्षा केंद्र की आयुक्त ने मोगली उत्सव में प्रत्येक जिले से 8-8 बच्चांे को शामिल करने के निर्देश दिये हैं। इससे पहले प्रत्येक जिले से 4-4 विद्यार्थियों व दो मार्गदर्शी शिक्षक बुलाये जाते रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मोगली बाल उत्सव को दो स्थानों पर आयोजित किये जाने पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। पेंच के अलावा कान्हा नेशनल पार्क के विकल्प पर भी विचार चल रहा है।

ब्रिटिश शासन के अंग्रेज अधिकारी कर्नल हेनरी विलियम स्लीमन के दस्तावेज में मोगली के होने के साक्ष्य मिलते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मोगली लैंड का क्षेत्र मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का जंगल है जिसे अब इंदिरा प्रियदर्शनी राष्ट्रीय उद्यान या पेंच टाईगर रिज़र्व भी कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मोगली यहीं रहता था।

जिले के विद्यार्थियों के लिये बनायी जाये योजना : जानकारों का कहना है कि सिवनी जिले के ही विद्यार्थी पेंच नेशनल पार्क और मोगली के बारे में विस्तार से नहीं जानते हैं। मोगली उत्सव के अलावा साल के अन्य दिनों में शिक्षा विभाग और जनजातिय कार्य विभाग को मिलकर जिले के विद्यार्थियों में से कुछ विद्यार्थियों का चयन किया जाकर उन्हें पेंच नेशनल पार्क का अगर लगातार भ्रमण कराया जाता है तो निश्चित तौर पर इस तरह के नवाचार से जिले के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकेंगे।

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