विमला वर्मा के नाम पर द्वार

 

 

(शरद खरे)

आज़ादी के उपरांत सिवनी के विकास को दिशा और दशा वालों की फेहरिस्त में सबसे अधिक योगदान देने वाले लोगों का नाम आते ही सबसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा का अक्स जेहन में उभरना स्वाभाविक ही है। लगभग चार दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहकर जिले को विकास की सौगातें देने वालीं सुश्री विमला वर्मा वैसे तो किसी परिचय या नाम की मोहताज़ नहीं रहीं पर उनके अवसान के उपरांत उनकी यादों को चिरस्थायी बनाने के लिये उनके नाम पर जिले में कुछ स्थानों का नामकरण किया जाना चाहिये।

नगर पंचायत बरघाट में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय रंजीत वासनिक काबिज हैं। रंजीत वासनिक के द्वारा बरघाट के स्टेडियम में द्वार क्रमाँक एक को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा के नाम पर करने से आने वाली पीढ़ी उनके नाम के साथ ही साथ उनके द्वारा जिले के विकास को दिये गये योगदान से दशकों तक वाकिफ होती रहेगी। बरघाट स्टेडियम में अगर सुश्री विमला वर्मा का जीवन परिचय और उनके द्वारा जिले को दी गयीं सौगातों को भी अंकित कर दिया जाये तो आने वाली पीढ़ी को उनके बारे में विस्तार से जानकारी भी मिल पायेगी।

कहा जाता है कि लोगों की याददाश्त बहुत कम होती है। आज की युवा पीढ़ी शायद ही इस बात को जानती हो कि सिवनी में कितने स्वतंत्रता संग्राम सैनानी हुए, जिले का पहला सांसद कौन था, जिले से सबसे पहले कौन मंत्री बना था, सिवनी नगर पालिका का पहला अध्यक्ष कौन था?

जाहिर है, समय के साथ लोग महान विभूतियों को भूल ही जाते हैं। अगर उनकी छवि, उनके कार्यों को बार-बार लोगों के मानस पटल पर न उकेरा जाये तो लोगों की यादें चिरस्थायी नहीं रह पाती हैं। सिवनी में स्थानीय विभूतियों के नाम पर सड़क, अस्पताल के वार्ड, चौक चौराहे आदि करने में पता नहीं सियासतदारों को गुरेज़ क्यों है!

सिवनी का जिला अस्पताल सुश्री विमला वर्मा के द्वारा दी गयी नायाब सौगात है। यह सौगात जब सिवनी को मिली थी उस समय आसपास के जिलों के लोग सिवनी के निवासियों की किस्मत पर रश्क किया करते थे और मन ही मन यह दुआ करते थे कि उनके जिले में भी सुश्री विमला वर्मा जैसी कर्त्तव्यनिष्ठ और ईमानदार नेता सियासत में आयें। कालांतर में जब सुश्री विमला वर्मा के द्वारा सक्रिय राजनीति से किनारा किया गया, उसके बाद से सिवनी के लोग आसपास के जिलों में होने वाले विकास से रश्क करते नज़र आये।

सिवनी के जिला अस्पताल को सुश्री विमला वर्मा की देन माना जाता है। इस लिहाज़ से सिवनी के अस्पताल में अगर उनकी प्रतिमा लगा दी जाकर वहाँ उनका जीवन परिचय और उपलब्धियों को रेखांकित किया जाये तो बेहतर हो सकता है। इसके अलावा शहर की अन्य विभूतियों को भी जिले में चौक चौराहों, सड़कों, वार्ड आदि के नाम दिये जाकर आने वाले समय में उनकी यादों को चिरस्थायी बनाया जा सकता है। बहरहाल, बरघाट नगर पंचायत के अध्यक्ष रंजीत वासनिक इस बात के लिये बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने जिले की एक विभूति के नाम पर स्टेडियम का प्रवेश द्वार किया। इस बात का जोरदार स्वागत किया जाना चाहिये।