गुदगुदाने आ गए हैं ‘बाला’

 

 

 

 

आयुष्मान खुराना ने एक बार फिर दी ब्लॉकबस्टर फिल्म

फिल्म- बाला

डायरेक्शन- अमर कौशिक

कास्ट- आयुष्मान खुराना, भूमि पेडनेकर, यामी गौतम

दुनिया में दो तरह के इंसान होते हैं, अच्छा या बुरा। हर व्यक्ति के लिए अच्छे इंसान की परिभाषा कोई और होती है और बुरे की कुछ और। ये इंसान पर निर्भर करता है कि वह दूसरे को इन दोनों में से किस श्रेणी में रखता है। हम में से कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता। दुनिया में हर प्रकार का व्यक्ति है। जो शायद किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है। फिर वह चाहे स्किन या बाल से जुड़ी समस्या हो या फिर शरीर में कोई अंदरूनी बीमारी बैठी हो। लेकिन अगर आप हंसना पसंद करते हैं तो शायद आपकी कई बीमारियां और मुश्किलें ठीक हो सकती हैं।

वो कहते हैं न लाफ्टर इज द बेस्ट मेडिसिन’ (हंसना सेहत के लिए सबसे अच्छा होता है)। आयुष्मान खुराना की फिल्म आपको हंसना तो सिखाएगी ही, साथ ही आपको खुद से प्यार करना भी सिखाएगी। बड़ी-बड़ी सीख तो नहीं बल्कि एक छोटी सीख ये जरूर दे देगी कि आप जैसे भी हैं खुद को वैसे ही अपनाएं और अच्छा समझें। इस बात को स्वीकार करें कि कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता है।

एक के बाद एक हिट फिल्में देने के बाद आयुष्मान खुराना ने दोबारा बॉक्स ऑफिस पर एक और हिट फिल्म दी है जिसका नाम बालाहै। आयुष्मान खुराना ने साल 2019 अपने नाम किया है।

फिल्म बालाके ट्रेलर से ये तो पता चला था कि आयुष्मान खुराना फिल्म में एक गंजे का किरदार निभा रहे हैं लेकिन साथ में ये भी दिखाई दिया था कि वे खुद को जैसे भी हैं वैसे स्वीकार नहीं करते हैं। सिर पर बाल आने के लिए हर वो कोशिश करते हैं जिससे वे परफेक्ट दिखने लगें और उनकी शादी हो जाए। एक लड़की भी पट जाए। लेकिन फिल्म देखने के बाद आपको बताना चाहेंगे कि आयुष्मान खुराना ने ऑडियंस को अपनी एक्टिंग से इंप्रेस करने के साथ उन्हें ये भी मैसेज दिया है कि खुद से प्यार करें, फिर आप चाहे जैसे भी क्यूं न हों। हर व्यक्ति में कमियां होती हैं जिसे अपनाना सीखें।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी आयुष्मान खुराना के ईर्द-गिर्द घूमती नजर आती हैं जो अपने गंजेपन से परेशान होते हैं। इसमें इनका नाम बालमुकुंद यानी बालाहै, जो कानपुर का रहना वाला होता है। बचपन में अपने सिल्की बालों से प्यार करने वाले बाला के जीवन में 20 साल की उम्र में आते-आते एक ऐसा मोड़ आता है कि उनके सारे बाल झड़ जाते हैं। इसके बाद वे दो सालों में करीब 212 नुस्खे अपनाते हैं जिसमें प्याज के रस से लेकर भैंस के गोबर तक लगाने का तरीका छुपा होता है। इसके बावजूद वे अपने बाल वापस नहीं ला पाते हैं। आखिर में वे विग पहनना चुनते हैं जिससे उनकी शादी हो पाए।

भूमि पेडनेकर, बाला के बचपन की दोस्त और पड़ोसन का किरदार निभाती नजर आती हैं जिसका नाम लतिका होता है। लतिका, अपने संवले रंग के कारण मजाक का शिकार होती हैं जिसका उन्हें रत्तीभर फर्क नहीं पड़ता है। उल्टा वे फिल्म में काफी अच्छे तर्क देती नजर आईं हैं। भूमि पेडनेकर ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है।

फिल्म में यामी गौतम (परी मिश्रा), एक टिक-टॉक क्वीन का किरदार निभा रही हैं जिसकी जिंदगी खुशियों से भरी है। वे फेयरनेस और ब्यूटी क्रीम का एड करती भी नजर आती हैं। अपने गोरेपन पर नाज करने वाली परी मिश्रा की शादी बाला से तय हो जाती है। लेकिन उन्हें बाला की असलियत नहीं पता होती है। शादी से पहले लतिका, परी को बाला की असलियत बताने की कोशिश करती नजर आती हैं। फिल्म देखने पर आपको पता चलेगा कि वे आखिर किस तरह अपनी इस कोशिश में कामयाब होती हैं।

सपोर्टिंग कास्ट

फिल्म में एक बेहतरीन सपोर्टिंग कास्ट दिखाई देगी। सौरभ शुक्ला, बाला के पिता का किरदार निभा रहे हैं। वहीं सीमा पाहवा इनकी मौसी के किरदार में नजर आने वाली हैं। अभिषेक बैनर्जी एक सलून में नाई के किरदार में नजर आएंगे जो बाला को हर वह नुस्खा बताते दिखेंगे जिससे उनके बाल वापस आ जाएं। वहीं जावेद जाफरी, बाला की काउंसलिंग करते दिखाई देंगे। बाला के भाई का किरदार धिरेंद्र कुमार गौतम ने निभाया है जो काबिले तारीफ है।

बेहतरीन रही फिल्म की डायरेक्शन

फिल्म के डायरेक्टर अमर कौशिक ने बहुत ही बढ़िया काम किया है। फिल्म की कहानी से लेकर डायलॉग्स को एकदम सही समय पर सेट किया है। हर चीज का सीक्वेंस इतना बढ़िया है कि आप हंस-हंसकर लोटपोट हो जाएंगे।

(साई फीचर्स)