हीरा आसवानी को बिसार दिया काँग्रेस ने!

 

 

जिला काँग्रेस अध्यक्ष रहते हुए 14 को हीरा आसवानी हुए थे ब्रह्मलीन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला काँग्रेस के अध्यक्ष रहे स्व.हीरा आसवानी की तीसरी पुण्य तिथि पर जिला काँग्रेस उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित करेगी, इस संबंध में काँग्रेस के द्वारा विज्ञप्ति जारी नहीं किये जाने को लेकर तरह – तरह की चर्चाओं का बाज़ार गर्मा गया है।

ज्ञातव्य है कि वर्ष 2016 में 14 नवंबर को तड़के हीरा आसवानी के सीने में दर्द उठा था। उन्हें निज़ि अस्पताल ले जाया गया था जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली थी।

मिलनसार और मददगार व्यक्तित्व के धनी रहे हीरा आसवानी अपनी मित्र मण्डली की जान हुआ करते थे। वे काँग्रेस के कद्दावर नेता स्व.हरवंश सिंह के बेहद करीबी हुआ करते थे। हीरा आसवानी ने 1986 में युवक काँग्रेस की जिला ईकाई के महामंत्री के रूप में अपना सियासी जीवन आरंभ किया था। वे प्रसिद्ध समाजसेवी एवं जाने माने किराना व्यवसायी स्व.हरगुन दास आसवानी के सुपुत्र थे।

हीरा आसवानी 1988 से लगातार चार साल तक काँग्रेस सेवादल की जिला ईकाई के अध्यक्ष भी रहे। तत्कालीन जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश चंद मालू के निधन के बाद जुलाई 2011 में उन्होंने जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था, जिस पद पर वे अंतिम समय तक बने रहे।

काँग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जिला काँग्रेस के द्वारा 12 नवंबर को जारी विज्ञप्ति में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंति पर उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित करने की विज्ञप्ति तो जारी कर दी गयी, किन्तु स्थानीय नेताओं में स्व.उर्मिला सिंह, स्व.हरवंश सिंह के बाद अब जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हीरा आसवानी के संबंध में भी विज्ञप्ति जारी करना मुनासिब नहीं समझा गया है।

उक्त पदाधिकारी ने कहा कि इसके पहले हर साल स्व.हीरा आसवानी के द्वारा काँग्रेस संगठन का अध्यक्ष रहते हुए जिले में काँग्रेस को एक सूत्र में पिरोने के उनके प्रयासों को याद करते हुए जिला काँग्रेस कमेटी के द्वारा उनकी पहली और दूसरी पुण्य तिथि पर शिद्दत से याद किया जाता रहा है, पर इस बार इसकी सूचना काँग्रेस के लोगों को क्यों नहीं दी गयी, यह शोध का विषय माना जा सकता है।