मोदी सरकार के लिए खुशखबरी

 

 

 

 

बिजनेस करना हुआ आसान, भ्रष्टाचार में आई कमी

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड (UK) की कंपनियां भारत में बिजनेस करने को लेकर काफी आशावादी हैं।

सर्वे में 56 फीसदी कंपनियों का कहना है कि भारत में अब बिजनेस करना आसान हुआ है साथ ही भ्रष्टाचार में भी कमी आई है। वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी होने वाले ईज ऑफ डूइंग बिजनसरैंकिंग में भी भारत लगातार सुधार कर रहा है। 2020 की रैंकिंग में भारत 14 अंक सुधरते हुए 63 वें पायदान पर है।

भारत के साथ व्यापार बढ़ाना चाहती हैं यूके की कंपनियां

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रेग्जिट की वजह से यूके की कंपनियां दूसरे देशों से ज्यादा कारोबार करने के बारे में सोच रही हैं। 26 फीसदी कंपनियों ने कहा कि क्योंकि इंग्लैंड यूरोपियन यूनियन से अलग हो रहा है, इसलिए वह चाहती हैं कि आने वाले दिनों में भारत के साथ उनका व्यापार बढ़े। 56 फीसदी का मानना है कि यहां व्यापार करना आसान हुआ है, 21 फीसदी मानते हैं कि इसमें कोई सुधार नहीं है, जबकि 23 फीसदी की कोई राय नहीं है।

पिछले पांच सालों में हुआ काफी सुधार

यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC)की रिपोर्ट मोदी सरकार के लिए खुशखबरी है, क्योंकि 2014 में जब डुइंग बिजनेस इन इंडिया की पहली रिपोर्ट आई थी, उसमें 50 फीसदी कंपनियों का कहना था कि भारत में बिजनेस के लिए माहौल ठीक नहीं है, क्योंकि भ्रष्टाचार चरम पर है। पांच साल बाद 2019 में मात्र 17.5 फीसदी कंपनियों के लिए भ्रष्टाचार बिजनेस नहीं करने की सबसे बड़ी वजह है। हालांकि कानूनी और रेगुलेटरी प्रक्रिया पर अभी भी बहुत सुधार की जरूरत है।

जीएसटी में सुधार की जरूरत

वहां की कंपनियों के लिए अभी भी भारत में टैक्स सिस्टम एक गंभीर मसला है। 28.6 फीसदी की राय है कि सरकार को ब्यूरोक्रेसी बेहतर करने की जरूरत है, जबकि 16.9 फीसदी का कहना है कि गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (GST) की प्रक्रिया और आसान होनी चाहिए। उन्होंने वर्तमान GST को ज्यादा पेचीदा बताया।