रेत, मलबे के ढेर बन रहे परेशानी का सबब

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शहर में सड़क पर मलबा, मिट्टी और बिल्डिंग मटेरियल रखने वालों पर की जाने वाले कार्यवाही ठण्डे बस्ते में चली गयी है।

पालिका का अमला, समस्याएं सुलझाने वाले प्रतिनिधि स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर गुणा भाग में लगे हैं, जिसके चलते एक बार फिर सड़क पर कब्जा करना आरंभ हो गया है। कहीं आम लोग सड़क पर मलबा, मटेरियल रख रहे हैं तो कहीं दुकानदारों ने मटेरियल रखकर दूसरों को परेशान करना आरंभ कर दिया है। शहर में धूल, मिट्टी, मलबे और बिल्डिंग मटेरियल से गंदगी न फैले इसे रोकने नगर पालिका के द्वारा कभी कार्यवाही नहीं की गयी है।

नहीं हो रही है कार्यवाही : होटल, रेस्टॉरेंट जैसे संस्थानों पर कचरा फैलाने पर कार्यवाही जारी है लेकिन बिल्डिंग मटेरियल फैलाने वालों पर कार्यवाही न के बराबर हो रही है। मकानों से निकला मलबा, मिट्टी और नयी निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर कार्यवाही नहीं हुई है जिसके कारण ऐसे लोगों के हौसले बुलंद बने हुए हैं।

फिलहाल पालिका के कई कर्मचारी निर्वाचन के काम में व्यस्त हैं। पार्षद और अन्य जन प्रतिनिधि भी अज्ञात कार्यों में लगे हुए हैं जिसके चलते किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जा रही है। कार्यवाही नहीं होने के कारण लोगों में डर नहीं है और खुले आम सड़कों पर ही मलबा, मिट्टी फैलायी जा रही है। गलत जगह पर मलबा फेंकने पर 500 से लेकर 5000 रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हुई। इस मामले में प्रचार – प्रसार की भी कमी दिख रही है।

निर्माणाधीन मकानों के आगे लगे मटेरियल के ढेर : टूटे भवनों या फिर खुदाई के दौरान निकले मलबे के अलावा बड़ी समस्या उन मकानों के आगे है जिनका निर्माण चल रहा है। शहर के लगभग हर इलाके में लगातार नया निर्माण किया जा रहा है। इन सभी मकानों के निर्माण के लिये लायी जाने वाले निर्माण सामग्री भी सड़क पर ही रखी जा रही है।

हर क्षेत्र में खुल गयी सड़क और फुटपाथ पर दुकान : बिल्डिंग मटेरियल की अवैध दुकानें भी पालिका और आम लोगों के लिये समस्या बन रही हैं। अस्थायी कब्जा कर शहर के कई क्षेत्रों में दुकानें लगायी जा रही हैं और मटेरियल बेचने वालों के कारण लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हद तो यह है कि जिला मुख्यालय में जनपद की बेशकीमती जमीन जो कि गांधी भवन के पास है उस पर भी कब्जा कर लिया गया है।

सड़कों पर बिल्डिंग मटेरियल बेचने वालों द्वारा अतिक्रमण करने का काम रेती या गिट्टी का ढेर लगाने से आरंभ होता है। कहीं भी सूनी जगह या फुटपाथ देखकर ये लोग एक-दो ट्रॉली मटेरियल डलवाते हैं और उसे बेचना आरंभ करते हैं।