…तो काँग्रेस के विधायक भी बैठेंगे धरने पर

 

फर्जी हस्ताक्षर मामले में थाना पहुँचे क्षेत्रीय विधायक योगेंद्र सिंह

(ब्यूरो कार्यालय)

घंसौर (साई)। क्षेत्र में तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर मामले में नित नये मोड़ आते जा रहे हैं। पिछले दिनों मामले में सह आरोपी बनाये गये प्रिंस गिरियाम के पिता ने अनशन किया था। अब बुधवार को लखनादौन विधायक योगेंद्र सिंह थाने पहुँचे और दो दिन का अल्टीमेटम मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिये दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनादौन क्षेत्र के काँग्रेस के विधायक योगेंद्र सिंह बुधवार को घंसौर थाना पहुँचे और तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर मामले में मुख्य आरोपी की दो दिन में गिरफ्तारी न होने की दशा में विधायक ने भी परिजनों के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।

यह है मामला :तहसील मुख्यालय में पदस्थ तहसीलदार अमृत लाल धुर्वे के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में मुख्य आरोपी दीपेश नेमा की गिरफ्तारी की माँग को लेकर अब राजनीति गर्माती जा रही है। दीपेश नेमा की दुकान में काम करने वाले प्रिंस गिरियाम को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया जबकि मुख्य आरोपी दीपेश नेमा को पुलिस अब तक पकड़ नहीं सकी है।

पाँच नवंबर से कतिया समाज क़े लोगो ने जनपद पंचायत घंसौर में भूख हड़ताल की थी। तीन दिन बाद एसडीएम ने धरना स्थल पहुँचकर, पाँच दिन क़े अंदर गिरफ्तारी की बात कह हड़ताल समाप्त करवायी थी। बुधवार को लखनादौन घंसौर विधान सभा क्षेत्र के विधायक योगेंद्र सिंह ने थाने पहुँचकर दीपेश नेमा की गिरफ्तारी को लेकर थाना प्रभारी रमन सिंह मरकाम से मुलाकात की। विधायक ने कहा कि अगर दो दिवस के अंदर फरार मुख्य आरोपी दीपेश नेमा की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे खुद ही इनके समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।