आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम को 10 माह बाद भी नहीं मिला काम का पैसा

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान (एमआर कैंपेन) के तहत किए गए काम का दस माह बाद भी आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम को भुगतान नहीं किया गया। आशा कार्यकर्ता संघ के पदाधिकारी सीएमएचओ से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक को ज्ञापन दे चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग भुगतान करने को लेकर असमंजस की स्थिति में है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश सहित जिले में 15 जनवरी से फरवरी 2019 तक मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इसमें 15 साल तक के आठ लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण लक्ष्य रखा गया था। पूरे प्रदेश में इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए इंदौर जिला पुरस्कृत भी हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर अभियान में सहयोग देने वाली आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम को अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।

जिले में शहरी क्षेत्र से 500 व ग्रामीण क्षेत्र में 808 आशा कार्यकर्ता हैं। इनमें से जिन कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई, उन्हें रोजाना किए काम के अनुसार भुगतान किया जाना है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग में मानदेय पर काम करती हैं। जिले में शहरी क्षेत्र में 90 व ग्रामीण क्षेत्र में करीब 120 एएनएम नियुक्त हैं। इन्हें भी काम के अनुसार भुगतान किया जाना था।

दो दिसंबर से शुरू होगा टीकाकरण अभियान

दो दिसंबर से टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर 15 नवंबर को कलेक्टोरेट में बैठक भी रखी गई है। अभियान चार माह तक जारी रहेगा। इसमें बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में भी सभी आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम का सहयोग लिया जाएगा।

आवेदन मिला लेकिन ऐसा प्रावधान नहीं

आशा कार्यकर्ता आवेदन लेकर पहुंची थीं। अभियान के तहत नर्सिंग विघार्थियों का प्रावधान था, जो कर दिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम को भी काम का भुगतान करना है, ऐसा कोई ऑर्डर नहीं मिला। इनका कहना है कि दूसरे जिलों में भुगतान हुआ है। इनसे जानकारी मांगी गई कि किस जिले में भुगतान हुआ लेकिन अभी तक ये नहीं दे पाए।

डॉ. प्रवीण जड़िया,

सीएमएचओ, इंदौर.