बाघ ने किया चरवाहा पर हमला

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

घंसौर (साई)। वन्य जीवों की आबादी के आसपास विचरण करने की घटनाओं में इज़ाफा होता नज़र आ रहा है। एक तरफ लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में तेंदुए की धमक सुनी जा रही है तो दूसरी ओर भीमगढ़ एवं केवलारी के आसपास जंगली हाथियों की पदचाप देखी गयी। इसी बीच घंसौर क्षेत्र में बाघ के द्वारा युवक पर हमले की खबर आयी है।

जिले भर में भालू, जंगली सूकर के अलावा पिछले छः माह में बाघ के इंसानों पर हमले के तीन मामले सामने आ चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार घंसौर क्षेत्र में एक चरवाहे के द्वारा बताया गया कि बाघ ने उसके मवेशी की जान ले ली और चरवाहे पर हमला कर दिया। माना जा रहा है कि यह बाघ संभवतः कान्हा टाईगर रिज़र्व से आया होगा।

सिवनी के घंसौर वन परिक्षेत्र अंतर्गत घोटखेड़ा के जंगल के नज़दीक बाघ द्वारा एक मवेशी और चरवाहे पर हमला करने की घटना सामने आयी है। चरवाहा सुशील अपने मवेशियों को लेकर जंगल गया था तभी बाघ ने मवेशी और चरवाहे पर हमला कर दिया। बाघ के हमले में घायल हुए चरवाहे ने जैसे – तैसे शोर मचा कर अपनी जान बचा ली लेकिन बाघ ने एक मवेशी को अपना शिकार बना लिया।

वहीं घटना के बाद मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम को घटना स्थल का जायज़ा लेने पर बाघ की मौजदूगी के निशान मिले हैं। घटना स्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर कान्हा टाईगर रिज़र्व सेंटर का क्षेत्र लगता है। उसी क्षेत्र से बाघ के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल घटना के बाद वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके पहले कुरई और कान्हीवाड़ा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकीं हैं।

ज्ञातव्य है कि इसके पहले जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर फुलारा के आसपास तेंदुए की धमक से दहशत पसरी हुई है। यहाँ वन्य जीव के द्वारा क्षेत्र में लगातार ही मवेशियों का शिकार किया जा रहा है। वन विभाग के द्वारा तेंदुए को खोजने का प्रयास किया जा रहा है।