बादलों ने रोकी सर्दी की रफ्तार!

 

 

 

अब बृहस्पतिवार से सर्दी का होगा ज्यादा अहसास

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। पहाड़ी राज्यों से आने वाली सर्द हवाओं की गति कम होने एवं बादलों के कारण अब कड़ाके की सर्दी के लिये थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। अब बृहस्पतिवार से पारे में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली सर्द हवाओं की चाल कुछ धीमी पड़ी है। इसके अलावा बादलों की आवाजाही के कारण भी सर्दी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। सोमवार को दिन में धूम की तल्खी कम रही तो शाम गहराने के बाद सर्दी का अहसास शनैः शनैः बढ़ता गया।

सूत्रों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। एक-दो दिन हल्के बादलों के प्रभाव के बाद शहर में पश्चिमी विक्षोभ असर करेगा। इससे धीरे – धीरे ठण्ड बढ़ेगी। फिलहाल हल्के बादलों का प्रभाव है। इससे तापमान तकरीबन ठहरा है। कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का शहर में असर होगा। इसके कारण तापमान धीरे – धीरे कम होगा।

सूत्रों के अनुसार फिलहाल उत्तरी हवा चल रही है। ये हवा ठण्ड के लिये अनुकूल मानी जाती है लेकिन, हवा की गति बेहद धीमी है। इस कारण पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बावजूद शहर में सर्द हवा अपना असर नहीं डाल पा रही है। हालांकि, रात चढ़ने के साथ ही ठण्ड का अहसास बढ़ रहा है।

सूत्रों ने बताया कि मौसम का पूर्वानुमान पल-पल बदल रहा है। पहले सोमवार की रात से सर्दी का अहसास होना आरंभ होने वाला था, किन्तु हवाओं की गति कम होने और बादलों के कारण पारा उतना नहीं उतर पाया जितना अपेक्षित था। अब जो पूर्वानुमान दिख रहा है उसके अनुसार 21 नवंबर से पारे में गिरावट दर्ज की जा सकती है।