बोर्ड परीक्षा : शिक्षकों से न लें दूसरा काम

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। कक्षा पाँचवीं और आठवीं की कक्षाओं में इस साल बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ायी और परीक्षा को लेकर कोई परेशानी न हो इसके लिये पाँचवीं आठवीं पढ़ाने वाले शिक्षकों से कोई दूसरा काम नहीं लिया जायेगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं।

इन शिक्षकों को न ही कहीं संलग्न (अटैच) किया जायेगा और न कोई अन्य विभागीय जिम्मेदारी दी जायेगी। जिन सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में पाँचवीं और आठवीं का रिज़ल्ट 20 प्रतिशत से कम हो गये हैं, वहाँ पढ़ाने वाले शिक्षकों पर स्कूल शिक्षा विभाग इस बार सख्त कार्यवाही करेगा। इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह टेस्ट लेकर मूल्यांकन किया जायेगा। इसके द्वारा, इस बात का आंकलन किया जा सकेगा कि कक्षाओं में जो पढ़ाया जा रहा है, उसके अनुरूप विद्यार्थी प्रश्नों का जवाब दे पा रहे हैं या नहीं।

जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल ने बताया है कि स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे कक्षा पाँचवीं व आठवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को इस बात की जानकारी दें। पास होने के लिये विद्यार्थी को 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। वार्षिक परीक्षा में विद्यार्थी सभी विषयों में फेल हो जाता है तो उसे दो माह बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा जिन विषयों में विद्यार्थी फेल होगा, उसके लिये उसकी पूरक परीक्षा होगी। दोबारा परीक्षा में भी पास नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी को पुनः उसी कक्षा में पढ़ायी करनी होगी।