चरवाहों को बनाया मुखबिर!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। पेंच नेशनल पार्क और वन विभाग को अब अपने कर्मचारियों पर भरोसा नहीं रह गया है। ऐसे में पार्क प्रबंधन अब चरवाहों आदि की सेवाएं लेने को मजबूर है। पार्क में हाल के दिनों में शिकार की कई घटनाएं प्रकाश में आयीं हैं। इनके मद्देनज़र अब पार्क प्रंबधन चरवाहों से सेवाएं लेना चाह रहा है।

मंगलवार को पेंच टाईगर रिज़र्व के अंतर्गत अरी, घाटकोहका, रूखड़ एवं खवासा बफर परिक्षेत्रो के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के चरवाहों का सम्मेलन खवासा स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर में आयोजित किया गया। इसमें पेंच टाईगर रिज़र्व से लगे ग्रामों के 69 चरवाहों ने भाग लिया। विक्रम सिंह परिहार, क्षेत्र संचालक एवं एम.बी. सिरसैया उप संचालक, पेंच टाईगर रिज़र्व के द्वारा चरवाहों से चर्चा की गयी कि ग्राम एवं वन में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर उसकी जानकारी तुरंत पार्क प्रबंधन को सूचित करें।

वनाधिकारियों ने यह भी कहा कि वनों में मवेशी चराते समय कोई भी असामान्य घटना घटित होने पर उसकी जानकारी तत्काल पार्क प्रबंधन को दें। पेंच टाईगर रिज़र्व के द्वारा सम्मेलन में उपस्थित प्रत्येक चरवाहे को एक बैग, दो टिफिन, एक पानी की बॉटल, एक गमछा एवं एक छाता वितरित किया गया।

उपरोक्त कार्यक्रम में बी.पी. तिवारी सहायक वन संरक्षक सिवनी क्षेत्र, विवेक नाग परिक्षेत्र अधिकारी अरी, शिवकुमार गुर्जर परिक्षेत्र अधिकारी रूखड़, अजय बहाने परिक्षेत्र अधिकारी खवासा तथा संतोष पटेल परिक्षेत्र अधिकारी घाटकोहका एवं स्टाफ उपस्थित रहे।