कैसे आयेगा कायाकल्प में सिवनी टॉप पर!

 

जिला अस्पताल का निरीक्षण . . . 02

अस्पताल की व्यवस्थाओं को लग चुका है पूरी तरह घुन

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। अस्सी के दशक में सिवनी के निवासियों को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा के प्रयासों से उस काल का बहुत ही विशाल जिला अस्पताल मिल पाया था। अस्पतालों के हाकिमों ने अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखायी है, जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय (सीएमएचओ) कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला अस्पताल में कायाकल्प अभियान का निरीक्षण करने दल शुक्रवार को सिवनी आ सकता है। इसके लिये जिला अस्पताल प्रशासन अभी भी तैयार नहीं दिख रहा है।

सूत्रों ने आगे बताया कि जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दल गत दिवस, मण्डला जिले के जिला अस्पताल का निरीक्षण करने गया था। इस दौरान इन अधिकारियों को इस बात का भान तो होगा कि निरीक्षण दल के द्वारा किस तरह के प्रश्न पूछे जायेंगे, इस हेतु जिला अस्पताल प्रशासन के द्वारा न तो चिकित्सकों को किसी तरह का प्रशिक्षण दिया गया है और न ही पेरामेडिकल स्टॉफ को!

सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा मई माह से लगातार ही जिला अस्पताल के ऑपरेशन कायाकल्प अभियान का सुपरविज़न लगातार ही किया जा रहा है। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन के द्वारा उनकी मंशाओं पर पानी फेरने के लिये उदासीनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है।

सीएमएचओ कार्यालय के सूत्रों ने आगे बताया कि जिला अस्पताल प्रशासन के द्वारा इस निरीक्षण को बहुत ज्यादा गंभीरता के साथ नहीं लिया जाता है। अस्पताल प्रशासन के द्वारा चिकित्सकों एवं पेरामेडिकल स्टॉफ को इसके लिये प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है।

सूत्रों ने आगे बताया कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिये एड़ी चोटी एक की जा रही है, किन्तु हालात देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि अस्पताल प्रशासन के द्वारा उनकी मंशाओं पर पानी ही फेरा जा रहा है। अस्पताल की व्यवस्थाओं को बनाने में प्रशासन को ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिख रही है।

सूत्रों की मानें तो अस्पताल प्रशासन को इस बात की चिंता है कि अगर निरीक्षण दल के द्वारा निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल को सत्तर प्रतिशत से ज्यादा अंक दे दिये जाते हैं तो इसके बाद स्वास्थ्य मुख्यालय भोपाल से हाई पॉवर कमेटी आकर इसकी जाँच करेगी, तब अस्पताल प्रशासन की कलई खुलने की संभावनाएं भी हैं, इसलिये अस्पताल प्रशासन चाह रहा है कि निरीक्षण दल के द्वारा 70 प्रतिशत से कम अंक ही निरीक्षण के दौरान दिये जायें।

सूत्रों ने बताया कि इंदिरा गांधी जिला अस्पताल में कायाकल्प अभियान का निरीक्षण करने छिंदवाड़ा से एक दल 20 नवंबर को आने वाला था, किन्तु मुख्यमंत्री कमल नाथ के द्वारा छिंदवाड़ा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम के चलते अब निरीक्षण दल शुक्रवार को सिवनी आने की संभावना है।