सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग होगी अनिवार्य

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध को देखते हुए अब सरकारी स्कूलों में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के स्कूलों से छात्राओं की सूची मांगी है। जिस स्कूल में 100 छात्राएं होंगी, उन स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी जिलों ने सूची भी भेज दी है। इसमें प्रदेशभर में करीब 2 हजार से अधिक स्कूलों में एक साथ ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत तीन माह तक स्कूलों में होगी।

विभाग ने स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के लिए 1 अक्टूबर को निर्देश दिए थे, लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। जिन स्कूलों ने अभी तक छात्राओं और ट्रेनरों की सूची नहीं तैयार की है, उन्हें जल्द से जल्द सूचनी बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं को ब्लैक बेल्ट के लिए सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इसमें जूड़ो-कराते और मार्शल आर्ट के तहत बचाव से जुड़ी ट्रेनिंग छात्राओं को विशेष तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में प्रतिदिन होने वाले खेलकूद और शारीरिक व्यायाम की गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा। स्कूलों में इसके पाठ भी पढ़ाएंगे, जिसमें बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी समझाया जाएगा।

विभाग प्रत्येक स्कूल को 9 हजार रुपए मानदेय देगा

प्रत्येक स्कूल में तीन माह तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए विभाग प्रत्येक स्कूल को प्रत्येक माह का 3 हजार, यानि तीन माह का 9 हजार र्स्पए देगा। विभाग ने यह निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों में कराते कोच नहीं हैं, वे बाहर से ट्रेनर की व्यवस्था करें। हर रोज एक या दो घंटे की स्पेशल सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग छात्राओं को दी जाएगी।

प्रदेश में दुष्कर्म की स्थिति : 5599 दुष्कर्म हुए मप्र में साल 2017 में, देश में सबसे ज्यादा, 15 दुष्कर्म रोज औसत दर्ज हुए, 1275 दुष्कर्म के केस 12 से 16 साल की लड़कियों के 2017 में, 1550 दुष्कर्म के केस 16 से 18 साल की लड़कियों के 2017 में।

कई जिलों के स्कूलों से छात्राओं की सूची प्राप्त हो गई है। इसमें प्रदेश के एक साथ 2 हजार स्कूलों में तीन माह तक छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।

राजेंद्र सिंह तोमर,

राज्य नोडल अधिकारी.

 

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