प्लास्टिक बैग पर सख्त एनजीटी

 

निर्माण और प्रयोग पर रोक लगाने के दिए निर्देश

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। सरकार के कार्यक्रमों और नियमों के बावजूद बाजार में धड़ल्ले से प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल हो रहा है। अब नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने भी इस मामले पर सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि 50 माइक्रॉन से पतले प्लास्टिक बैग न तो बनाए जाएं और न ही बेचे जाएं।

इसके साथ ही एनजीटी ने कहा है कि एक स्पेशल इन्वाइरन्मेंट स्क्वाड बनाया जाए जिससे कि ऐतिहासिक, धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक वेस्ट फैलाने वालों पर रोक लगाई जा सके। गौरतलब है कि गांधी जयंत से स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। हालांकि सरकार ने इसपर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाए थे लेकिन एनजीटी का यह निर्देश पूर्ण रूप से प्रतिबंध की ओर संकेत करता है। इसमें कहा गया है कि सीपीसीबी यह सुनिश्चित करे कि देश में 50 माइक्रॉन से पतले प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न हो।

केंद्र सरकार ने संकेत दिया था कि जल्द ही सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए कानून लाया जाएगा। राजधानी दिल्ली में पहले से ही 50 माइक्रॉन से कम के प्लास्टिक बैग प्रतिबंधित हैं। हालांकि अब भी बाजार में यह बैग देखने को मिल जाते हैं। राजधानी में ऐसे प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माना और जेल का भी प्रावधान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। लाल किले की प्राचीर से भी उन्होंने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल छोड़ने के लिए अपील की थी। सरकार ने 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक से देश को मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि इस रास्ते में कई चुनौतियां हैं। ऐसा करने पर उद्योग जगत में भी सरकार का विरोध हो सकता है। दूसरा, सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर किसका इस्तेमाल होगा, यह भी जटिल प्रश्न है।

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