भोपाल में नाबालिग से देह व्यापार कराने वाली महिला को कोर्ट से झटका

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। मप्र हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर अगवा करने, कई लोगों से शारीरिक स्बंध बनाने के लिए मजबूर करने व देह व्यापार के घिनौने दलदल में धकेलने का आरोप बेहद ग्भीर है। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की कोर्ट ने इस मत के साथ आरोपी भोपाल निवासी महिला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। महिला पर फेसबुक के जरिए दोस्ती कर किशोरी को बरगलाने का आरोप है।

हाईकोर्ट ने खारिज की अर्जी : भोपाल का मामला, नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने का आरोप संगीन, आरोपी महिला को अग्रिम जमानत नहीं

जबलपुर स्टेशन से हुई थी गायब- अभियोजन के अनुसार जबलपुर जीआरपी थाने में भोपाल की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री को अज्ञात लोगों ने स्टेशन से अगवा कर लिया। जबलपुर जीआरपी ने मामले को भोपाल से जुड़ा पाकर क्राइम ब्रांच भोपाल के हवाले कर दिया। क्राइम ब्रांच ने जांच की तो खुलासा हुआ कि लापता किशोरी का फेसबुक के जरिए भोपाल के तुलसी नगर निवासी महिला साक्षी शर्मा से संपर्क हुआ। दोनों में जल्द ही संबंध प्रगाढ़ हो गए। साक्षी ने किशोरी को माता-पिता की नजरें बचाकर चुपचाप भोपाल आने को कहा। 13 नवंबर 2015 को किशोरी की मां कटनी जिला स्थित उसके दादा के घर पहुंचाने के लिए जबलपुर स्टेशन लेकर आई। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर किशोरी स्टेशन से गायब हो गई।

ब्लैकमेल कर देह व्यापार कराया-

वहां से वह साक्षी शर्मा के घर भोपाल पहुंची। साक्षी ने किशोरी के घर से भागने का फायदा उठाते हुए उसे ब्लैकमेल किया। उसे कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर किया। आरोपी साक्षी ने किशोरी को आकाश व मुकेश नाम के युवकों के साथ सूरत, गोवा भेजकर देह व्यापार भी कराया। जांच के बाद क्राइम ब्रांच भोपाल ने आरोपी साक्षी के खिलाफ विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए साक्षी ने अग्रिम जमानत अर्जी पेश की। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे, अधिवक्ता तनवी खरे ने आवेदिका को निर्दोष बताया। शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने अर्जी का विरोध किया। आरोप गंभीर पाकर कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दिया

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