गर्ल्स कॉलेज़ भवन में संचालित हो सकता है विधि महाविद्यालय!

 

 

शासन से आयी राशि हो चुकी है लेप्स, गर्ल्स कॉलेज़ का भवन दिया गया है किराये पर!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सिवनी में विधि महाविद्यालय के भवन के निर्माण हेतु आयी लाखों रूपये की राशि का उपयोग न हो पाने के कारण यह लेप्स हो गयी है। इसके बाद विधि महाविद्यालय के निर्माण के लिये एक बार फिर नये सिरे से कवायद करना होगा। विधि महाविद्यालय को अगर बींझावाड़ा स्थित कन्या महाविद्यालय में संचालित किया जाता है तो भवन निर्माण का खर्चा बचाया जा सकता है।

विधि महाविद्यालय से जुड़े सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि विधि महाविद्यालय के लिये शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बाजू में रिक्त पड़ी भूमि को इसके लिये देखा गया था। इसके उपरांत शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल के मैदान की भूमि पर इसे बनाये जाने पर सहमति बनी थी। इसके लिये शासन के द्वारा लगभग छः करोड़ रूपये राशि का आवंटन किया गया था, किन्तु भवन का निर्माण समय पर न होने के चलते राशि लेप्त हो गयी है।

विधि महाविद्यालय को जब उत्कृष्ट महाविद्यालय में रिक्त भूखण्ड पर बनाये जाने का निर्णय लिया गया था, उसके बाद लोगों के द्वारा इस बात पर आपत्ति करना आरंभ कर दिया गया था कि इसके यहाँ बनने से इस विद्यालय के खेल के मैदान का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा। यहाँ विधि महाविद्यालय के भवन हेतु भूमि पूजन के बाद मामला माननीय न्यायालय में होने के कारण यहाँ इसका निर्माण नहीं हो सका है।

लोगों का कहना है कि वैसे भी शहर में खेल के मैदानों विशेषकर विद्यालय में इन मैदानों की कमी है। इसके बाद अगर उत्कृष्ट विद्यालय में खेल के मैदान में इसका निर्माण करवा दिया जाता है तो यह मैदान भी इसकी बली चढ़ जायेगा। इस लिहाज़ से प्रशासन के द्वारा विधि महाविद्यालय के लिये कहीं और भूमि का चयन किया जाना चाहिये।

हाल ही में यह बात उभरकर सामने आयी है कि शासकीय कन्या महाविद्यालय के पास बींझावाड़ा में 16 एकड़ का रकबा है जिसमें भवन बना हुआ है। इस भवन के होते हुए भी कन्या महाविद्यालय के लिये पुराने जेल परिसर में पौने चार एकड़ भूमि का आवंटन कर दिया गया है। इतना ही नहीं बींझावाड़ा में कन्या महाविद्यालय के भवन को किराये पर दिया गया है तब लोगों की इस संबंध में प्रतिक्रियाएं सामने आती दिख रही हैं।

अधिवक्ता याह्या आरिफ कुरैशी ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि बींझावाड़ा स्थित कन्या महाविद्यालय के भवन और रिक्त भूखण्ड को विधि महाविद्यालय के नाम पर हस्तांतरित कर अगर वहाँ इसे संचालित किया जाता है तो शासन को इस मद में फिर से राशि का आवंटन नहीं करना पड़ेगा।

अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि बींझावाड़ा में कन्या महाविद्यालय के भवन की दूरी अब जिला मुख्यालय से बहुत ज्यादा नहीं है। इस लिहाज़ से इसका संचालन इस भवन में आसानी से किया जा सकता है। अधिवक्ता वीरेंद्र सोनकेशरिया का कहना है कि बींझावाड़ा का कन्या महाविद्यालय हर दृष्टिकोण से विधि महाविद्यालय के लिये मुफीद लगता है। इसके लिये प्रशासन को प्रस्ताव तैयार कर भेजना चाहिये।

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