एक दिन मैं एक दुकान में गया। कभी कोई चीज उठाता, उसे देखता फिर उसेरखकर दूसरी चीज उठा लेता। कुछ पूछताछ भी की दुकानदार से, लेकिन कुछखरीदा नहीं।

काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया तो झुंझलाकर दुकानदार ने पूछा- श्रीमानजी,आखिर आपको चाहिए क्या?

मौका! मैंने जवाब दिया।