रेल मार्ग आरंभ होने मेें इतना विलंब क्यों

 

 

जानकारी मिल रही है कि सिवनी में रेल मार्ग बारिश के उपरांत ही आरंभ हो सकेगा और इसकी भी कोई समय सीमा निश्चित नहीं है। इसी तरह की कार्यप्रणाली से मुझे शिकायत है।

दो वर्ष के मेगा ब्लॉक के नाम पर सिवनी में रेल मार्ग बंद हुए, एक लंबा अरसा बीत चुका है और जैसी की खबरें आ रहीं हैं उनके मुताबिक आने वाले समय में बारिश के पूर्व इस रेल मार्ग के पुनः आरंभ होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। सिवनी के कुछ दूरस्थ अंचलों में रेल सेवाएं अवश्य आरंभ हो गयी हैं लेकिन जिला मुख्यालय और इसके आसपास के लोग आज भी इस मार्ग के आरंभ होने की बाट जोह रहे हैं।

सिवनी में रेल मार्ग का कार्य इतने विलंब से क्यों करवाया जा रहा है, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण सिवनीवासी सड़क मार्ग के ही भरोसे छोड़ दिये गये हैं और यह मार्ग भी कुछ स्थानों पर कई बार बाधित हुए बिना नहीं रहता है। रेल मार्ग बंद करके और उसके पुनः आरंभ होने में की जा रही देरी को देखकर तो ऐसा लगता है जैसे बस संचालकों को बिन माँगे ही उनकी मुराद पूरी कर दी गयी हो।

अधिकांश बस संचालकों के द्वारा रेल मार्ग का विकल्प यात्रियों के पास उपलब्ध न होने के कारण मनमाना किराया लंबी अवधि से वसूला जा रहा है और इस संबंध में कई अखबार समाचार भी प्रकाशित कर चुके हैं लेकिन उन बस संचालकों के द्वारा की जा रही लूट पर किसी भी संबंधित के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बसों से किराया सूची नदारद है, बस एजेण्टों के द्वारा वसूली में यात्रियों के साथ गुण्डागर्दी की जा रही है लेकिन उन यात्रियों की परेशानी को समझने वाला कोई दिखायी नहीं दे रहा है।

रेल सेवाएं यदि शीघ्र अतिशीघ्र आरंभ करवायी जाती हैं तो बस संचालकों की मनमानी पर काफी हद तक अंकुश लगायी जा सकती है लेकिन उसके आसार निकट भविष्य में तो नहीं दिखायी दे रहे हैं। जन प्रतिनिधियों के साथ ही साथ जिला प्रशासन से भी अपेक्षा है कि बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी पर अविलंब संज्ञान लिया जाकर उचित व्यवस्थाएं बनायी जायेंगी।

अमन सेनापति