सट्टा माफिया बाबू मस्तान के मकान पर चला बुलडोजर

बिना अनुमति बना तीसरा-चौथा फ्लोर व टावर तोड़ा

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। राजधानी में माफिया पर कार्रवाई जारी है। सोमवार को सट्टा माफिया बाबू मस्तान के मकान में बिना अनुमति बना तीसरा व चौथा फ्लोर तोड़ दिया गया। बाबू मस्तान ने बाग उमराव दूल्हा में 3500 वर्गफीट में टावर समेत चार मंजिला मकान तान रखा था।

इस मकान के लिए ग्राउंड फ्लोर व दो मंजिल की अनुमति थी, लेकिन मस्तान ने नियम विरुद्ध तरीके से तीसरा-चौथा फ्लोर व टावर बना रखा था। शहर सर्किल एसडीएम जमील खान ने बताया कि ड्रिल मशीन व कटर से छत को काटकर मकान का तीसरा-चौथा फ्लोर व टावर गिराने की कार्रवाई की गई है। यह निर्माण अवैध रूप से किया गया था। आसपास सकरा मार्ग होने के कारण कार्रवाई में देरी हुई। वहीं, निगम कर्मचारियों को मकान तोड़ने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बाबू पर हत्या का प्रयास, मारपीट आदि के दर्ज हैं केस

इधर, जिला प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सट्टा माफिया बाबू मस्तान के खिलाफ ऐशबाग, जहांगीराबाद और मंगलवारा थाने में हत्या का प्रयास, मारपीट, जुआ एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। 24 दिसंबर को इसे जिला बदर भी कर दिया गया था। इसके बावजूद इसके पासपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की गई। अफसरों ने बताया कि बाबू मस्तान का पासपोर्ट मोहम्मद रसीद उर्फ राशिद नाम से बना हुआ है। जो कि 2013 में जारी हुआ था। प्रशासन इस बात की जांच रहा है कि इसके पास दो पासपोर्ट भी हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कबाड़ी से बाबू मस्तान सट्टा किंग बन गया, लेकिन अपनी आय का स्रोत कभी उजागर नहीं किया। अफसर इसकी जांच भी नहीं कर रहे हैं। बाबू मस्तान साल में दो बार सऊदी की यात्रा भी इसी पासपोर्ट के जरिए करता है। जबकि, थानों में बाबू मस्तान के नाम से एफआईआर दर्ज है। बता दें कि बाबू मस्तान का नाम रशीद उर्फ बाबू मस्तान है। जिसकी शहर में 25 से ज्यादा लोकेशनों में संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों पर जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

24 दिसंबर को कार्रवाई करने पहुंचे निगम अमले को बाबू ने बांटी थी मिठाई

बीते 24 दिसंबर को कार्रवाई करने पहुंचे नगर निगम व जिला प्रशासन के अमले का सट्टा माफिया बाबू मस्तान ने फूलों से स्वागत करते हुए उन्हें मिठाइयां बांटी थीं। इस दौरान एक वीडियो भी वायरल किया गया था, जिसमें मस्तान का कहना था कि वह भाजपा नेता नहीं होता तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाती। बता दें कि मस्तान की पत्नी मर्सरत मस्तान भाजपा से पार्षद हैं। पिछली कार्रवाई के दौरान सिर्फ बाउंड्रीवॉल हटाकर जिला प्रशासन व नगर निगम की टीम लौट आई थी।