चुनाव जिताने कोरी घोषणा नहीं की थी मेडिकल कॉलेज़ की

 

दिनेश राय के मीडिया प्रभारी ने दिया काँग्रेस की विज्ञप्ति का जवाब, लगाये संगीन आरोप!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लगातार दूसरी बार सिवनी विधान सभा के मतदाताओं ने भारी मात्रा में दिनेश राय मुनमुन पर भरोसा यूँ ही नहीं जातया है बल्कि श्री राय के द्वारा लगातार पाँच सालों तक जनता के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया गया और विकास के लिये वे प्रयासरत रहे, यही कारण है कि सिवनी की जनता ने उन्हें दूसरी बार विधायक चुना है।

उक्ताशय की बात सिवनी विधायक मीडिया प्रभारी जिब्राईल मंसूरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही गयी है। श्री मंसूरी ने कहा कि काँग्रेस के नेता आशुतोष वर्मा का यह आरोप हास्यास्पद है कि दिनेश राय मुनमुन को चुनाव जिताने के लिये तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा मेडिकल कॉलेज़ की घोषणा की गयी थी।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज़ खोलने के लिये न केवल घोषणा की गयी, वरन उसके लिये स्थान भी चिन्हित किया जाकर सिवनी के मेडिकल कॉलेज़ के लिये प्रभारी डीन की पदस्थापना किया जाना क्या हवा हवाई बातें ही थीं! पब्लिक सब जानती है कि कौन मौन रहकर जनता के हित की बात करता है और कौन विज्ञप्तियां जारी कर खबरों में बने रहने का आदी है।

जिब्राईल मंसूरी ने आगे कहा कि एक साल से ज्यादा समय से प्रदेश में काँग्रेस की सरकार है। इस एक साल में काँग्रेस के विधायक या काँग्रेस के जिला, नगर अध्यक्षों ने एक बार भी मेडिकल कॉलेज़ के बारे में प्रयास किये हों तो बताया जाये। क्या इसका मतलब यह मान लिया जाये कि काँग्रेस यह चाह ही नहीं रही है कि सिवनी में मेडिकल कॉलेज़ खोला जाये।

उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले यह घोषणा की गयी थी। इसकी चारदीवारी के लिये काम भी आरंभ करवा दिया गया था, पर काँग्रेस की सरकार के द्वारा एक साल में भी इस काम को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ाया जाना क्या दर्शाता है। मेडिकल कॉलेज़ के लिये प्रस्तावित स्थल के पास ही काँग्रेस के जिलाध्यक्ष की भी काफी जमीन है। अगर यहाँ कॉलेज़ बनता है तो उनकी भूमि की कीमत भी बढ़ना स्वाभाविक ही है।

श्री मंसूरी ने कहा कि काँग्रेस संगठन के पास प्रवक्ताओं की फौज है, इसके बाद भी अघोषित प्रवक्ता के द्वारा इस तरह की अनर्गल बातों से युक्त विज्ञप्ति जारी करने का क्या औचित्य है। सिवनी को भाजपा के शासन काल में मिली मेडिकल कॉलेज़ की सौगात को प्रपंच की उपमा देकर काँग्रेस के नेता ने अपना मानसिक दीवालियापन उजागर कर दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि इस सौगात का स्वागत करते हुए अगर उनके द्वारा जिला काँग्रेस के जरिये मुख्यमंत्री से माँग की जाती तो इस कदम का स्वागत किया जाता, किन्तु श्रेय की राजनीति के चलते इस तरह की, स्तर हीनता की निंदा की जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि दो बार पराजय का स्वाद चख चुके आशुतोष वर्मा को इस तरह की बातें करना किसी भी दृष्टिकोण से सही प्रतीत नहीं होता है। भले ही काँग्रेस के नेता इसकी राह में लाख रोड़े अटकाने का प्रयास करें फिर भी मेडिकल कॉलेज़ की घोषणा हुई है, इसका काम चालू होगा और यह सिवनी मे बनकर रहेगा।

उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा से सिवनी होकर नैनपुर रेल खण्ड के अमान परिवर्तन की बात न कहकर एक नयी रेल लाईन के लिये उक्त नेता के द्वारा लाखों की तादाद में पत्र लिखे गये, पर इसका नतीजा क्या हुआ! इन पत्रों के कारण रेल मंत्रालय में जब भी सिवनी का नाम आता तो अधिकारी मुँह फेर लेते क्योंकि वे वर्तमान रेल लाईन की बजाय नयी रेल लाईन की बात उस समय कर रहे थे जबकि नयी रेल लाईन दूर की कौड़ी थी। अगर उक्त नेता के द्वारा छिंदवाड़ा, सिवनी, नैनुपर, जबलपुर रेल लाईन की माँग उस समय की जाती तो आज सिवनी में दो दशक पहले ही ब्रॉडगेज़ पर रेलगाड़ी दौड़ती नज़र आती।

उन्होंने कहा कि काँग्रेस के संगठन और नेताओं के पास एक साल में सिवनी जिले की उपलब्धियों के नाम पर कुछ भी नहीं है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिये काँग्रेस के नेताओं के द्वारा अनर्गल बयानबाजी कर लोगों का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।

जिब्राईल मंसूरी ने आगे कहा कि बेहतर होता कि आशुतोष वर्मा के द्वारा शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाने की बजाय अपने जिलाध्यक्ष राज कुमार खुराना और प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे से पूछा जाता कि एक साल में उनके द्वारा सिवनी जिले को क्या सौगातें दी गयी हैं!

इतना ही नहीं सड़क की नपाई के दौरान विधायक दिनेश राय मुनमुन को जैसे ही पता चला कि उनके भवन का हिस्सा अतिक्रमण की जद में आ रहा है उनके द्वारा तत्काल उसे तोड़ दिया गया, पर काँग्रेस के बेशर्म नेताओं के द्वारा तो सड़क पर ही अतिक्रमण करते हुए सड़क को ही खुर्द बुर्द कर दिया गया है।