दो परिवारों के नाम जारी कर दिए 170 आयुष्मान कार्ड

 

 

स्वास्तिक अस्पताल को नोटिस

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ फर्जीवाड़े में स्वास्तिक अस्पताल पर सरकार की गाज कभी भी गिर सकती है। आरोप है कि अस्पताल द्वारा दो परिवारों के नाम 170 से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी करवाते हुए मरीजों के उपचार के नाम पर योजना में फर्जीवाड़ा किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संबंधित परिवारों को सालाना 5 लाख रुपए तक का निशुल्क उपचार अनुबंधित अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है।

निकाल दी बच्चादानी, लगाए रहे वेंटीलेटर-

आयुष्मान भारत योजना में जिन अस्पतालों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है उनमें स्वास्तिक अस्पताल के अलावा शहर के कुछ अन्य अस्पताल भी शामिल हैं, हालांकि अभी उनके खिलाफ जांच प्रारंभ नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों ने बताया कि फर्जीवाड़े में शामिल अस्पतालों में महिलाओं की बच्चादानी निकालने के ऑपरेशन में गड़बड़ी सामने आई है। कुछ प्रकरण ऐसे भी सामने आए जिसमें महिलाओं की बच्चेदानी के ऑपरेशन किए बगैर हजारों रुपए का भुगतान सरकार से प्राप्त कर लिया गया। वहीं मरणासन्न मरीजों को बेवजह वेंटीलेटर पर रखते हुए सरकार को चूना लगाया गया।

आयुष्मान कार्डों की जांच शुरू-

इधर, स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंधित निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के आधार पर किए गए उपचार संबंधी कई प्रकरण जांच में शामिल किए हैं। मरीजों का पता लगाकर भौतिक परीक्षण कराया जा रहा है कि उन्होंने योजना के अंतर्गत संबंधित अस्पताल में उपचार कराया था अथवा नहीं। विभाग को यह शिकायत भी मिली है कि मरीज के उपचार में पैकेज की राशि बढ़ाने के लिए अनावश्यक जांच व अनावश्यक दवाओं का बिल जोड़ा गया।