शासन के नियमों को धता बता रहे सीएमओ!

 

जिलाधिकारी के आदेश को ही बता रहे सीएमओ धता!

(ब्यूरो कार्यालय)

बरघाट (साई)। नगर पंचायत बरघाट में शह और मात का खेल चलता दिख रहा है। नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोपों का दौर जारी है। इस मामले में सियासी अखाड़े में माहौल गर्म होता दिख रहा है।

नगर परिषद के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि नगर परिषद में अंदर ही अंदर अब यह बात खदबदाने लगी है कि सीएमओ बी.एल. लिल्हारे के द्वारा नियम कायदों को दरकिनार कर कुछ छुटभैया नेताओं के इशारों पर ही काम किया जा रहा है।

बरघाट शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि का अंतरण न किये जाने से उन्हें आवास बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि जिलाधिकारी के द्वारा 30 नवंबर को पत्र  लिखकर सीएमओ बी.एल. लिल्हारे को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो भी पात्र लोग हैं उनको शेष राशि का भुगतान तत्काल किया जाये।

हितग्राहियों के अनुसार पहली किश्त मिलने के बाद उनके द्वारा अपने – अपने मकान तोड़कर नया मकान बनाने की कार्यवाही आरंभ की गयी थी, अब वे दूसरी किश्त के लिये चक्कर काट रहे हैं। हितग्राहियों की मानें तो सीएमओ के द्वारा यह कहकर उन्हें रूखसत कर दिया जा रहा है कि अभी अध्यक्ष नहीं हैं, इसलिये उनके खातों में राशि डाला जाना संभव नहीं है।

इधर, सूत्रों का कहना था कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के द्वारा 21 जून को ही स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा गया था कि अगर अध्यक्ष के द्वारा राशि के अंतरण में किसी तरह का विलंब किया जाता है तो मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 346 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सीएमओ ही हितग्राहियों के खातों में राशि का अंतरण करने के लिये सक्षम होंगे।