देशव्यापी हड़ताल का महाकोशल-विंध्य में रहा मिलाजुला असर

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। बुधवार को 18 संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का महाकोशल-विंध्य में मिलाजुला असर रहा। हड़ताल के कारण क्षेत्र में कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक, प्रतिष्ठान बंद रखकर संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा।

दमोह: 18 संगठनों ने सामूहिक रूप से हड़ताल की। मेडिकल रिप्रेजेंटिव ने एक बाइक रैली निकाली और जिला प्रशासन को मजदूरों व अन्य लोगों की समस्या को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। वहीं हम्माल संघ ने भी मंडी परिसर में काम बंद कर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कि या। इसके बाद मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा। वहीं बिजली कंपनी के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, बिड़ी संघ मोबाइल दुकान संचालक भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे।

नरसिंहपुर: श्रम विरोधी नीतियों और जनविरोधी बैंक सुधारों के विरोध में 17 राष्ट्रीयकृत बैकों के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से जिले में 80 फीसदी बैंक बंद रहे। कर्मचारी-अधिकारी यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक जिले में लगभग साढ़े 300 से 400 करोड़ रुपए का कार्य प्रभावित हुआ है।

उमरिया: बुधवार को केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जहां सभी बैंक बंद रहे वहीं कोयला कामगारों ने भी उत्पादन नहीं होने दिया। जिले की सभी खदानों के लगभग 70 प्रतिशत मजदूरों ने हड़ताल में शामिल होकर सरकार का विरोध किया वहीं सभी बैंक भी बंद रहे।

सतना: केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में जिलेभर के संगठनों के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से बैंक, डाक विभाग, एलआइसी, बीएसएनएल कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पडा।

बालाघाट: सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के बैनर तले समस्त ट्रेड यूनियनों ने बस स्टैंड स्थत धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान उन्होंने रैली निकाली जो नगर के विभिन्न् मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां पर प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंप उनकी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की गई अन्यथा अनिश्चित कालीन आंदोलन की चेतावनी दी।

रीवा: विभिन्न् संगठनों एक साथ खड़े होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। ट्रेड यूनियन के देशव्यापी आदोलन का समर्थन करते हुए मजदूर यूनियन के साथ ही बैंक, दवा प्रतिनिधि यूनियन, आगंनबाड़ी एकता यूनियन, दैनिक वेतन भोगी श्रमिक सगंठन, सीटू सहित अन्य संगठन के पदाधिकारियों ने एक जुट होकर आवाज उठाते हुए सरकार के समक्ष एक बार फिर अपनी जायज मांगों को उठाया हैं। अलग-अलग रैली निकाल कार जहां अपनी मांगो के समर्थन में माहौल बनाते हुए नजर आए वही एक मंच पर बैठ कर आवाज उठाई है।