आरटीओ ने वीआईपी नंबर बेचकर कमाए 25 लाख

 

सबसे महंगा बिका 0001

(ब्यूरो कार्यालय)

ग्‍वालियर (साई)। महंगी गाड़ियों के लिए वीआईपी नंबर की चाहत भी कम नहीं है। 2020 के पहले पखवाड़े में हुई नंबरों की नीलामी से विभाग को 25 लाख की आमदनी हुई है। सबसे महंगा नंबर 0001 बिका है। इस नंबर के लिए ग्वालियर के वाहन मालिक ने एक लाख रुपए खर्च किए हैं। प्रदेश में इंदौर, भोपाल व होशंगाबाद में भी वीआईपी नंबरों के शौकिन हैं। वीआईपी नंबर के लिए 50 हजार रुपए तक चुकाए हैं।

वीआईपी नंबरों की डिमांड इतनी अधिक है कि परिवहन विभाग को प्रतिमाह में दो बार नंबरों की नीलामी करना पड़ती है। सन्‌ 2020 में पहली नीलामी 7 जनवरी को हुई है। इसमें प्रदेश में सबसे महंगा नंबर एमपी 07 सीएच 0001 ग्वालियर के आनंद प्रकाश अग्रवाल ने एक लाख में खरीदा है। नीलामी में सबसे कम बोली 5 हजार की रही है। सीरिज के 37 नंबर 5 हजार में बिके हैं, वहीं 76 नंबरों की बोली 15 हजार तक गई है। सीरिज के 23 नंबरों की कीमत 7 हजार, जबकि 27 नंबरों की बोली 25 हजार तक लगी है। कुल 168 सीरिज के नंबरों की नीलामी हुई है। जिससे विभाग को 25 लाख 11 हजार की कमाई हुई है।

786 की डिमांड कम हुईः-पहले 786 नंबर की डिमांड काफी होती थी। मगर इस बार केवल एक ही व्यक्ति ने यह नंबर खरीदा है। जिसकी बोली 50 हजार तक पहुंची है। अब लोग 2244, 1111 या 4141 जैसे नंबर अधिक पसंद कर रहे हैं। इन नंबरों के लिए पैसा भी कम खर्च होता है।

प्रदेश में सबसे महंगे बिके टॉप 6 नंबरः-

जिला नंबर कीमत वाहन मालिक का नाम

ग्वालियर एमपी 07 सीएच 0001 1 लाख आनंद प्रकाश अग्रवाल

होशंगाबाद एमपी 05 सीबी 0007 50 हजार अंकुर मालपानी

भोपाल एमपी 04 सीएक्स 0008 50 हजार रूपा विरामनी

इंदौर एमपी 09 डब्ल्यूई 0007 50 हजार मल्लिकार्जुन चौधरी

इंदौर एमपी 09 डब्ल्यूई 0009 50 हजार संजय गुप्ता

इंदौर एमपी 09 डब्ल्यूई 0786 50 हजार मोहसिन हुसैन