यात्री प्रतीक्षालय बने शोभा की सुपारी!

 

न प्रकाश की व्यवस्थाएं न ही बैठने की!

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय में स्थान – स्थान पर बनाये गये यात्री प्रतीक्षालय शोभा की सुपारी के मानिंद ही प्रतीत हो रहे हैं। इन प्रतीक्षालयों में प्रकाश एवं अन्य सुविधाएं न होने के कारण यहाँ अनैतिक गतिविधियां बहुतायत में होती नज़र आ रही हैं।

शहर में मॉडल रोड पर बारापत्थर क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम के पास दो यात्री प्रतीक्षालय बनाये गये हैं। इनमें से अस्पताल की चारदीवारी से लगे यात्री प्रतीक्षालय के बनाये जाने का तो औचित्य ही समझ में नहीं आता है। इस यात्री प्रतीक्षालय में दिन रात आवारा कुत्तों का डेरा दिखायी देता है।

लोगों का कहना है कि इस यात्री प्रतीक्षालय में प्रकाश की व्यवस्था नहीं किये जाने के कारण रात के समय यह अघोषित मयखाने में तब्दील हो जाता है। इस यात्री प्रतीक्षालय के आसपास पड़ीं शराब की बोतलें इस बात की चुगली करती दिखती हैं कि यहाँ किस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।

इस यात्री प्रतीक्षालय के आसपास न तो पानी की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के दूसरे साधन। रात के समय यह यात्री प्रतीक्षालय पूरी तरह अंधकार में डूब जाता है, जिसका फायदा असामाजिक तत्वों के द्वारा जमकर उठाया जा रहा है।

इसी तरह गांधी भवन के सामने बनाये गये यात्री प्रतीक्षालय में तो रात के समय अंधेरा ही पसरा रहता है। विद्युत विभाग के द्वारा इस क्षेत्र में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था न किये जाने के कारण, यहाँ स्थित यात्री प्रतीक्षालय में सर्वाधिक मदिरापान रात्रि के समय होता देखा जा सकता है। नगर पालिका के साथ ही विद्युत विभाग को भी चाहिये कि इस क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था की जाये ताकि सिवनी का सबसे बड़ा चौराहा, कचहरी चौक अंधेरे में न डूबा रहे।

वास्तव में एक आदर्श प्रतीक्षालय में तो पंखे आदि सभी सुविधाएं होना चाहिये लेकिन सिवनी में कम से कम रात के समय प्रकाश की ही व्यवस्था यदि यात्री प्रतीक्षालयों में कर दी जाये तो यहाँ आने वाली महिलाओं को राहत प्रदान की जा सकती है। नगर पालिका प्रशासन का अब तक का कार्यकाल देखते हुए उससे तो उतनी उम्मीद नहीं की जा सकती है लेकिन वर्तमान कलेक्टर प्रवीण सिंह से अपेक्षा अवश्य की जा सकती है कि वे अपने कार्यकाल में सिवनी में बने यात्री प्रतीक्षालयों की सुध अवश्य लेंगे ताकि इनका सही उपयोग हो सके।