सीतामंदिर जीर्णोद्धार की पहल को श्रीलंका सरकार ने सराहा

 

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा देवी सीता के मंदिर के जीर्णाेद्धार की पहल का स्वागत किया है। राज्य सरकार द्वारा बृहस्पिवार को जारी किए गए एक बयान में यह जानकारी दी गई है।

मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चार से आठ जनवरी तक श्रीलंका का दौरा किया।बयान के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री दिनेश गुनवर्धने के साथ बैठक की। बयान में कहा गया, गोटबाया ने सांची चौत्य विहार के नवीनीकरण और मध्य प्रदेश-श्रीलंका के बीच संस्कृति विनिमय कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

उन्होंने श्रीलंका के अशोक वाटिका में स्थित सीता मंदिर के नवीनीकरण के बारे में राज्य सरकार की पहल का भी स्वागत किया। वर्ष 2012 में श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे बौद्ध इंडिक अध्ययन विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने के लिए राज्य के सांची आए थे तभी पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने सितंबर 2012 में सीता मंदिर का मु्द्दा उठाया था।

मंदिर को श्रीलंका के दिवुरम्पोला में बनाने का प्रस्ताव दिया गया था जहां महाकाव्य रामायण के अनुसार सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा था। मध्य प्रदेश के मंत्री ने हाल की यात्रा का विवरण देते हुए कहा कि शर्मा और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने अशोक वाटिका में सीता मंदिर का दौरा किया।

उन्होंने स्थानीय बौद्ध लोगों के साथ भी बातचीत की।बयान में कहा गया कि शर्मा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया को साँची आने का निमंत्रण दिया जिसे उन्होंने सहजता से स्वीकार किया। उन्होंने कहा, भोपाल और कोलंबो के बीच सीधी हवाई यात्रा संपर्क का निर्णय लिया गया जो सांची जाने वाले लाखों श्रीलंकाई तीर्थयात्रियों को बहुत लाभान्वित करेगा।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सांची में विश्व बौद्ध संग्रहालय और शिक्षा संस्थान, भिक्षु प्रशिक्षण और बौद्ध मठ की स्थापना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बयान में कहा गया है कि बौद्ध धर्म संग्रहालय और शिक्षा संस्थान के पाठ्यक्रम में दुनिया भर के बौद्ध दर्शन, विज्ञान, कला और संस्कृति, परंपराएं और त्योहार शामिल किए जाएंगे।

महा बोधि सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भिक्खु वानगल उपत्तीस थेरो, मप्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव और सलाहकार वी. के. अमर भी प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा थे।श्रीलंका के वित्त मंत्री गुनवर्धने ने परियोजना को वित्तीय सहायता देने का वादा किया।