बनायी जा सकती हैं छोटी-छोटी सब्जी मण्डियां!

 

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शहर विस्तारीकरण को देखते हुए आवश्यक हो गयीं तीन-चार सब्जी मण्डी!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। बुधवारी बाजार स्थित सब्जी मण्डी को हटाये जाने के लिये प्रशासन के द्वारा आधिकारिक तौर पर अभी किसी तरह की घोषणा नहीं की गयी है, फिर भी शहर विस्तारीकरण को देखते हुए लोग अब शहर में तीन – चार चिल्लहर सब्जी मण्डी बनाये जाने की हिमायत करते दिख रहे हैं।

गृहणी शकुन सिंह का कहना है कि अभी चिल्लहर सब्जी मण्डी बुधवारी बाजार में स्थित है, पर शहर में कुछ दशक पहले उपनगरीय इलाके माने जाने वाले भैरोगंज, बरघाट नाका, अपर बैनगंगा कॉलोनी, ज्यारत नाका, कटंगी नाका क्षेत्र अब शहर की सीमा के अंदर समाहित हो चुका है। इस लिहाज से इन स्थानों पर छोटी – छोटी चिल्लहर सब्जी मण्डियां बनायी जा सकती हैं।

व्यवसायी उबैद खान का कहना है कि शहर की सीमा के अंदर अघोषित सब्जी मण्डियों की बाढ़ सी आ गयी है। सड़क किनारे सब्जी बेचने का मानो चलन बन गया है। इससे यातायात प्रभावित होता है और गंदगी भी फैलती है। इसके लिये प्रशासन को शहर में कुछ स्थान चिन्हित किये जाकर वहाँ चिल्लहर सब्जी मण्डी लगायी जा सकती है।

शिक्षिका पूजा सिंह राजपूत ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि चिल्लहर सब्जी मण्डी वर्तमान में बुधवारी में है और वहाँ जाकर रोज सब्जी लाना एक बड़ा काम ही प्रतीत होता है। इसके लिये प्रशासन चाहे तो बारापत्थर, बरघाट नाका, भैरोगंज आदि क्षेत्रों में सरकारी स्थानों पर छोटी – छोटी सब्जी मण्डियां बना सकता है। इससे युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद भी है।

गृहणी ममता गुप्ता ने कहा कि बारापत्थर क्षेत्र में पॉलीटेक्निक के आसपास, बरघाट नाके से डूण्डा सिवनी के बीच, ज्यारत नाके के पास एवं भैरोगंज में कॉलेज मार्ग पर सरकारी भूखण्डों पर छोटी सब्जी मण्डियां व्यवस्थित रूप से अगर बना दी जाती हैं तो निश्चित तौर पर शहर के विस्तारीकरण को देखते हुए यह एक उचित कदम होगा।

नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकीं कोमल जैसवाल का कहना था कि बुधवारी की सब्जी मण्डी को हटाया जाकर यहाँ पार्किंग बनाया जाने का सुझाव अच्छा है। चिल्लहर सब्जी मण्डी को गंज स्थित पुरानी कृषि उपज मण्डी ले जाया जा सकता है। इसके साथ ही साथ शहर की बसाहट, आबादी आदि को ध्यान में रखते हुए अगर तीन – चार स्थानों पर व्यवस्थित रूप से चिल्लहर सब्जी मण्डी बना दी जाती है तो बुधवारी बाजार में यातायात के दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इसके साथ ही साथ अनेक लोगों ने भी इस बात का स्वागत किया है कि बुधवारी बाजार स्थित सब्जी मण्डी में कम ही व्यापारियों को स्थान मिल पा रहा है। बाकी चिल्लहर व्यापारी सड़कों पर बैठकर ही व्यापार कर रहे हैं। इससे तो यही बेहतर होगा कि शहर के तीन – चार स्थानों पर छोटी – छोटी सब्जी मण्डियां स्थापित कर लोगों को रोजगार देने के मार्ग प्रशस्त कर दिये जायें।

 

4 thoughts on “बनायी जा सकती हैं छोटी-छोटी सब्जी मण्डियां!

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