पात्र, अपात्र में उलझे अनेक परिवार!

 

सरकारी योजनाओं की मुनादी करने वाले रिक्शॉ चालक के परिवार को नहीं मिला लाभ!

(ब्यूरो कार्यालय)

छपारा (साई)। भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी संबल योजना में सरकार बदलने के बाद पात्र अपात्र के झमेले में अनेक जरूरतमंद लोग पिस रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत छपारा में 4282 श्रमिकों के नाम जोड़े गये थे जिसके लिये 01 जुलाई 2019 को भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की गयी थी। इसके बाद 3409 श्रमिकों को अपात्र घोषित कर, हटा दिया गया। अब कुल 873 पात्र श्रमिक ग्राम पंचायत में बचे हैं, जिसकी जानकारी जन कल्याण पोर्टल पर देखी जा सकती है।

इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत छपारा के ऊपर गंभीर आरोप लग रहे हैं। ग्राम पंचायत के द्वारा जो भौतिक सत्यापन किया गया वह श्रमिकों के घर-घर न जाकर कार्यालय में बैठ कर, अनुमान लगाकर ही श्रमिकों के नाम जन कल्याण पोर्टल से हटा दिये गये। इसके कारण पात्र हितग्राही श्रमिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिये भटकना पड़ रहा है।

अनेक पीड़ितों ने बताया कि उनके परिवार के नाम कट जाने के बाद अब उनकी सुनवायी कहीं नहीं हो रही है। पात्र हितग्राही होने के बावजूद भी उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वही इस योजना का क्रियान्वयन करने वाले जो अधिकारी हैं उन पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

बताया जाता है कि छपारा निवासी राजेंद्र रघुवंशी उर्फ राजू जो कि श्रमिक था, उसकी गत दिनों मृत्यु हो गयी थी। राजू पहले रिक्शॉ चलाकर जीवन यापन करता था। इतना ही नहीं उसके द्वारा सरकारी योजनाओं की मुनादी भी की जाती थी। राजू का नाम इस योजना से प्रथक कर दिया गया था। अब उसका परिवार सरकारी योजना का लाभ लेने से वंचित हो गया है।

उसके परिजनों ने बताया कि राजू की पत्नि और उसके भाई ने जनपद कार्यालय और ग्राम पंचायत कार्यालय पहुँचकर अंत्येष्टि की राशि के लिये गुहार लगायी लेकिन उनका नाम ग्राम पंचायत के द्वारा जन कल्याण पोर्टल से बिना भौतिक सत्यापन किये ही काट दिया गया है। इस तरह वह अपात्र हो गया और उसके परिजनों को उसकी अंत्येष्टि के लिये मिलने वाली छः हजार रूपये की राशि भी नहीं मिल पायी। यह बात जब समाज सेवियों को पता चली तो उनके द्वारा राजू के परिवार की मदद कर उसकी अंतिम क्रियाएं पूरी करवायी गयीं।

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