केंद्र से मिली मार्का लगी बोरियों में घर से धान भरकर ला रहे किसान

 

 

(टूप सिंह पटले)

अरी (साई)। धान उपार्जन के अंतिम दौर में केंद्रों में मनमानी हावी होती जा रही है। जिला प्रशासन की टीमें केंद्रों में निरीक्षण के लिये पहुँच रही हैं। इसके बावजूद खरीदी केंद्रों में चल रही मनमानी नहीं रुक रही है।

धोबीसर्रा खरीदी केंद्र में तो किसानों को बारदाने बांट दिये गये हैं। किसान घर से मार्का लगी बोरियों में धान भरकर केंद्र ला रहे हैं। यहाँ बगैर क्वालिटी की जाँच किये सीधे बारदाने में भरी धान को तौलकर बोरियों की सिलाई की जा रही है।

हैरानी की बात तो यह है कि केंद्र के कर्मचारी बोरियों में टैग लगाकर सिलाई करने का काम कर रहे हैं। हम्मालों की गैर मौजूदगी में किसान खुद ही धान की तुलाई कर रहा है। न तो यहाँ पर धान की क्वालिटी देखी जा रही है और न ही निर्धारित मात्रा में किसानों से धान ली जा रही है। तय मात्रा से ज्यादा धान तौल में किसानों से लिया जा रहा है। यही स्थिति दरासीकला खरीदी केंद्र की है।

केंद्र की देखरेख कर रहे कर्मचारी किशोर राहंगडाले से तौल में ज्यादा धान किसानों से लिये जाने का कारण पूछा गया तो वे गोलमोल जवाब देते नज़र आये। श्री राहंगडाले ने बताया कि नमी को देखते हुए किसानों से ज्यादा धान ली जा रही है ताकि सूखने के बाद बोरी का वजन कम न हो।

वहीं दरासीकला केंद्र पहुँच रहे किसानों को मार्का लगे बारदाने सौंप दिये गये हैं। धान लेकर आये किसान खुद ही बोरियों में धान पलटाकर तौल के बाद टैग लगाकर बोरियों की सिलाई कर रहे हैं। केंद्र से हम्माल नदारद हैं। किसान स्वयं ही बारदाने में धान भरने से लेकर तुलाई तक का कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में खरीदी प्रभारी प्रकाश यादव से बात की गयी तो वे जवाब देने से बचते रहे।

खरीदी केंद्रों में मनमानी : जिले के 82 खरीदी केंद्रों में धान उपार्जन का कार्य चल रहा है। शनिवार व रविवार को केंद्रों में खरीदी का कार्य बंद रहा। इसके बावजूद केंद्रों में अभी तक 16 लाख क्विंटल धान उपार्जन कार्य हो चुका है। वहीं 10 लाख क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है।

20 जनवरी को उपार्जन की अंतिम तारीख होने के कारण किसान बड़ी संख्या में केंद्र पहुँच रहे हैं। एकाएक खरीदी केंद्रों में धान की आवक बढ़ने से केंद्रों में अफरा तफरी का माहौल है और इसका फायदा उठाने के लिये खरीदी केंद्र प्रभारी मनमाने तरीके से धान तुलवा रहे हैं। बगैर गुणवत्ता की जाँच किये धान तौला जा रहा है।

रिजेक्ट हो रही खराब धान : केंद्रों में एफएक्यू मापदण्ड को दरकिनार कर खरीदी जा रही धान गोदाम पहुँचने पर रिजेक्ट की जा रही है। अंतिम दौर में खरीदी जा रही गुणवत्ता विहीन धान बड़ी मात्रा में रिजेक्ट हो रही है। अधिकारियों का कहना है गुणवत्ता को दरकिनार कर की जा रही खरीदी पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। विभिन्न केंद्रों से मिल रही शिकायतों पर जाँच कर कार्यवाही की जा रही है।

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