. . . हर फिक्र को धुंए में उड़ाता चला गया!

 

धड़ल्ले से धूम्रपान, दस वर्षों में एक भी कार्यवाही नहीं!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। रूपहले पर्दे के मशहूर अदाकार रहे सदाबहार हीरो देवानंद अभिनीत हम दोनों सिनेमा के गीत यूँ ही जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुंए में उड़ता चला गया.. की तर्ज पर सिवनी जिले में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान बेखौफ जारी है और संबंधित महकमे हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।

कड़े कानून के बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान धड़ल्ले से हो रहा है। कहीं कोई रोक-टोक नहीं है। यह स्थिति तब है, जब सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ राज्य सरकारों के पास कार्यवाही करने का पूरा अधिकार है। बावजूद इसके राज्य सरकारें चुप बैठी हैं। इसका अंदाज़ा सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि सख्त कानून होने के बाद भी पिछले तीन सालों में मध्य प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले एक भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।

देश में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के खिलाफ कार्यवाही न करने वाले राज्यों में हालांकि अकेला मध्य प्रदेश राज्य ही शुमार नहीं है, इनमें मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक देश के लगभग 13 राज्य शामिल हैं, जहाँ सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को लेकर कोई सख्ती नहीं है।

सीधे कहें, तो राज्य सरकारों ने इस ओर से आँखें मूंद ली हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि धूम्रपान को लेकर राज्य सरकारों की यह अरुचि तब है, जब एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में होने वाली कुल मौतों में से दस फीसदी मौतें अकेले धूम्रपान से हो रहीं हैं।

सिवनी में हर कार्यालय, शाला, चौक चौराहों, अस्पताल सहित सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते लोगों को देखा जा सकता है। यहाँ तक कि अब तो नाबालिग बच्चे भी शहर के वीरान इलाकों, खेल के मैदानों, पार्क आदि में धुंआ उड़ाते हुए कश लगाते देखे जा सकते हैं। रात के समय सर्दी का प्रकोप कम होने के साथ ही अब खुले मैदान अहातों में तब्दील होते दिख रहे है। यहाँ भी सोडे की डकारों की आवाजें और धुंए के छल्ले बनाते लोग दिख जायेंगे।

नाबालिग बच्चों के पास धूम्रपान के लिये सिगरेट कहाँ से आ जाती है यह भी शोध का ही विषय है जबकि नाबालिग बच्चों को बीड़ी, सिगरेट सहित तंबाखू की चीजों का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तो पान की दुकानों पर से नाबालिगों के लिये चेतावनी बोर्ड भी गायब ही दिखते हैं।

शराब की दुकानों के घोषित अघोषित अहातों, होटल ढाबों आदि में भी धुंए की छल्ले साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। सिवनी में नगर पालिका परिषद के द्वारा इस दिशा में प्रभावी पहल न किये जाने के चलते सिवनी में धूम्रपान करने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है जो चिंता का ही विषय है।

जानकारों का कहना है कि युवा पीढ़ी इस नशे की गिरफ्त में तेजी से आती दिख रही है। युवाओं यहाँ तक कि युवतियों का रूझान भी अब इस नशे की ओर बढ़ता दिख रहा है। घरों से दूर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी इस नशे ने अपनी जद में लेना आरंभ कर दिया है जो अच्छे संकेत नहीं माने जा सकते हैं।

 

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