पोहा मामले में जमकर ट्रोल हो रहे विजयवर्गीय

 

लोगों ने कैलाश विजयवर्गीय से पूछा, ‘पीएम मोदी और गौतम गंभीर खाते हैं पोहा, वह बांग्लादेशी हैं क्या?’

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी है। उन्होंने पोहे से एक बांग्लादेशी की पहचान की। इस बयान के बाद कैलाश विजयवर्गीय को लोग सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। कैलाश ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं।

ऐसे में लोग उनसे सवाल भी पूछ रहे हैं कि क्या पीएम मोदी भी बांग्लादेशी हैं, क्योंकि पोहा तो उन्हें भी पसंद है। लोगों के रिएक्शन जानने से पहले यह जान लीजिए कि कैलाश विजयवर्गीय ने कहा क्या। दरअसल, इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने मजदूरों के एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि रात को नौ बजे मैं एक रूम में गया। उसके सामने ही मेरे घर में रूम बन रहा था। उसमें छह-सात मजदूर थे। जो एक प्लेट में पोहा रखकर खा रहे थे।

मैंने उनसे पूछा कि इतने सारे पोहे क्यों खा रहे हो। उसके बाद उनके सुपरवाइजर को बुलाया और पूछा कि इन्हें रोटी नहीं मिलती है क्या। उसने जवाब दिया कि रोटी नहीं खाते, मैंने पूछा क्यों। वो बोले कि पोहे ही खाते हैं बस। मुझे शंका हुई तो उनसे पूछा कि कौन से देश के हैं, जो पोहे खाते हैं…भर-भरकर। मैंने फिर पूछ तो मजदूर हिंदी नहीं बोल पाए। उसके बाद उसके ठेकेदार ने कहा कि ये पश्चिम बंगाल के हैं। मैंने उनसे जिले का नाम पूछा। मगर वह नहीं बता पाए। फिर मुझे शंका हुई।

फिर उसके ठेकेदार ने कहा कि सर ये लोग बाहर के हैं। मैंने उसे कहा कि फिर इन्हें काम पर क्यों लाए। ठेकेदार ने जवाब दिया कि ये सस्ते मिल जाते हैं। यहां के लेबर छह सौ रुपये लेते हैं और टाइम से चले जाते हैं। जबकि ये लोग तीन सौ रुपये में बारह घंटे तक काम करते हैं।

बस इस बयान के बाद कैलाश विजयवर्गीय सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। ट्विटर पर पोहा सेकंड नंबर पर ट्रेंड कर रहा है। लोग कैलाश विजयवर्गीय से सवाल भी पूछ रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि मुझे पोहा पसंद है लेकिन बांग्लादेशी नहीं हूं। मुझे इसलिए पसंद है कि यह सस्ता और हेल्दी है।