स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान कल से

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। मुख्य चिकित्सा एवसं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जानकारी दी गयी है कि कुष्ठ रोग जागरूकता को लेकर 30 जनवरी से 13 फरवरी तक जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में संकल्प पत्र एवं अपील का वाचन किया जायेगा।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार कुष्ठ रोग देश में एक सामाजिक समस्या है। कुष्ठ रोग के विषय में भय, भ्रांति सर्वविदित है। जन समुदाय में कुष्ठ रोग की जानकारी आधी अधूरी है जिसके कारण कुष्ठरोग का निवारण नहीं हो पा रहा है। इसलिये कुष्ठ रोग के विषय में समाज को जागरूक करना बहुत ही जरूरी है।

विज्ञप्ति के अनुसार कुष्ठ रोग एक बैक्टरीया, जीवाणु से होने वाली साधारण बीमारी है। यह छुआछूत का रोग नहीं है बल्कि सर्दी, खांसी की भांति फैलने वाला रोग हैं। वर्तमान में जिले में कुष्ठ का प्रभाव 0.55 प्रतिशत है। इस रोग की शुरूआत में पहचान व जाँच करवा ली जाये एवं पूरा उपचार लिया जाये तो यह पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है। इस तरह शारीरिक विकलांगता से बचाया जा सकता है। इसकी जाँच एवं उपचार सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है। इसका उपचार कुछ मामलों में 06 माह एवं कुछ मामलों में 12 माह का हो सकता है।

आसान है कुष्ठ रोग की पहचान : चमड़ी पर चमड़ी के रंग से फीके दाग धब्बे जिसमें सुन्नपन, सूखापन हो, पसीना न आता हो, खुजली, जलन, चुभन न होती हो। हाथ पैरों में सुन्नपन, सूखापन एवं कमजोरी, चेहरे पर तैलीयाचमक, भौओं का झड़ जाना, कानों पर सूजन, गठान का होना कुष्ठ हो सकता है।

एमडीटी कुष्ठ रोग की शर्तिया दवा है जो सभी सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। शरीर पर दाग धब्बे होने पर आप स्वास्थ्य कर्मचारी, कुष्ठ कार्यकर्त्ता, आशा आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं से संपर्क करें एवं कुष्ठ होने पर निःशुल्क उपचार लेकर कुष्ठ मुक्त हो सकते हैं।