किसको आवंटित करने आदेश किया गया है निरस्त!

 

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आवंटन आदेश की प्रति जिलाधिकारी को भेजी पर निरस्तीकरण की नहीं दी जानकारी!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लगभग डेढ़ साल पुराने आवास आवंटन के आदेश को निरस्त करना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के गले की फांस बनता दिख रहा है। इस मामले में अब तरह तरह की चर्चाओं का बाजार भी गर्माता दिख रहा है। दबी जुबान से चिकित्सक अब यह भी कहते दिख रहे हैं कि सीएमएचओ अपनी तैनाती के बाद आधिकारिक तौर पर किस आवास में रह रहे हैं!

सीएमएचओ कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वर्ष 2018 में जिला चिकित्सालय में पदस्थ प्रथम श्रेणी निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ.सत्य नारायण सोनी सेवा निवृत्त हो रहे थे। उन्हें पुराने अस्पताल में उस भवन जिसमें कभी सिविल सर्जन कार्यालय लगा करता था को आवंटित किया गया था। सेवा निवृत्ति के उपरांत डॉ.सोनी को उक्त भवन रिक्त करना था।

सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2018 में 04 अगस्त को तत्कालीन प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.करूणेश सिंह मेश्राम के द्वारा इस आवास को रिक्त होने की प्रत्याशा में जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ डॉ.श्रीकृष्ण सिरोठिया को आवंटित करने के आदेश जारी किए गए थे।

सूत्रों की मानें तो इस आदेश की प्रति जिलाधिकारी, कार्यपालन यंत्री भवन एवं सड़क, सिविल सर्जन सहित डॉ.श्रीकृष्ण सिरोठिया को दी जाकर सात दिवस के अंदर आधिपत्य लेने की बात आदेश में कही गई थी। विडंबना ही कही जाएगी कि डॉ.एस.एन. सोनी के द्वारा इस आवास को अभी तक रिक्त नहीं किया गया है।

सूत्रों ने आगे बताया कि 17 सितंबर 2019 को जब डॉ.के.आर. शाक्य के द्वारा प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का  प्रभार ग्रहण किया गया तो उनके सामने यह समस्या आयी कि वे निवास कहां करें! उन्होंने तात्कालिक तौर पर जिला अस्पताल परिसर में बने आवासीय प्रशिक्षण केंद्र आईपीपी 06 में निवास करना आरंभ किया और आज पांच माह बाद भी वे इसी विश्राम गृह में निवास कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि इसके उपरांत 29 जनवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के हस्ताक्षरों से एक आदेश जारी किया गया, जो विवाद का कारण बनता बताया जा रहा है। इस आदेश में उन्होंने उल्लेखित किया था कि पूर्व में आवास आवंटन के जारी आदेश में आवास रिक्त न हो पाने के कारण आधिपत्य नहीं मिल पाने की स्थिति में पूर्व के आदेश निरस्त किए जाते हैं।

सूत्रों की मानें तो इस बार आदेश की प्रति जिलाधिकारी और कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सड़क को नहीं दी गई है। इससे उलट इसकी प्रति डॉ.श्रीकृष्ण सिरोठिया और जिला चिकित्सालय में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश मोहन श्रीवास्तव को दी गई है, जिससे यही प्रतीत हो रहा है कि डॉ.सोनी वाले आवास के आवंटन आदेश ही निरस्त किए गए हैं।

सीएमएचओ के द्वारा इस तरह का आदेश जारी क्यों किया गया है, इस बात के बारे में उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु फोन से उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इधर, चिकित्सकों के बीच इस आदेश को लेकर तल्ख प्रतिक्रियाएं भी चलने की बातें अस्पताल परिसर में कही जा रही हैं।

चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाए तो चिकित्सक अब प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पर ही सवालिया निशान लगा रहे हैं। चर्चाओं के अनुसार पांच माहों से सीएमएचओ डॉ.के.आर. शाक्य आधिकारिक तौर पर कहां निवास कर रहे हैं, इस बात को भी उन्हें उजागर करना चाहिए।

चर्चाएं तो यहां तक भी हैं कि प्रभारी सीएमएचओ डॉ.के.आर. शाक्य ने अपना निवास आईपीपी 06 को बनाया हुआ है। नियमानुसार अगर वे किसी सरकारी आवास में रह रहे हैं तो उन्हें मकान भत्ता (एचआरए) की पात्रता नहीं होती है, अगर वे निजि तौर पर मकान किराए से लेकर रह रहे हैं तब वे एचआरए ले सकते हैं, पर यहां तो डॉ.शाक्य के द्वारा सरकारी भवन का उपयोग रहने के लिए किया जा रहा है और दूसरी ओर एचआरए भी लिया जा रहा है।

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