06 दिनों तक लगातार बंद रहेंगे बैंक व एटीएम!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी सैलरी में बढ़ोत्तरी के साथ 05 दिन के कामकाजी हफ्ते की मांग को लेकर अगले महीने यानि मार्च 2020 में तीन दिन की हड़ताल कर सकते हैं।

बैंक यूनियनों की यह हड़ताल उनकी योजना के अनुरूप होती है तो कई बैंक लगातार छह दिन तक बंद रहेंगे। इससे एटीएम सहित कई तरह की बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। इस संबंध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा का कहना है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से 11,12 व 13 मार्च की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जानी है।

ये है पूरा मामला : इससे पहले सरकारी बैंकों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 31 दिसंबर और एक जनवरी को हड़ताल कर चुके हैं। बैंक एम्पलॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉइज एसोसिएशन के मुताबिक वेतन संशोधन को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ बातचीत विफल रहने के बाद बैंक कर्मचारी 11 से 13 मार्च तक तीन दिन तक हड़ताल करेंगे।

06 दिन बंद रहेंगे बैंक : बैंकों से जुड़े यूनियनों के इस ऐलान पर अगर अमल होता है तो पब्लिक सेक्टर बैंक लगातार छह दिन बंद रहेंगे। बैंक यूनियनों ने 11 मार्च से हड़ताल का आह्वान किया है। उससे एक दिन पहले यानी 10 मार्च को होली के चलते देश के अधिकतर हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 13 मार्च तक चलेगी। 14 मार्च को दूसरे शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। 15 मार्च को रविवार होने के कारण बैंकों में कोई नहीं होगा। इस तरह पब्लिक सेक्टर बैंकों में 10 मार्च से 15 मार्च तक कोई काम नहीं होगा। इससे बैंकिंग व्यवस्था एवं कारोबार पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

निजी क्षेत्रों में होगा कामकाज : हालांकि, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई व एचडीएफसी जैसे पब्लिक सेक्टर बैंकों में हड़ताल नहीं होगी। अगर यह प्रस्तावित हड़ताल बैंक यूनियनों की तय योजना के अनुसार होती है तो साल में तीसरा मौका होगा, जब बैंक कर्मचारी हड़ताल पर होंगे। बैंक कर्मचारियों ने 31 जनवरी, एक फरवरी की हड़ताल से पहले आठ जनवरी को देश व्यापी भारत बंद में हिस्सा लिया था।

01 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी : अगर सरकारी बैंकों में यह हड़ताल होती है तो इस साल तीसरा मौका होगा जब बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी। इसके पहले 8 जनवरी को सरकार की नीतियों को लेकर यूनियनों ने भारत बंद का आह्वाहन किया था। बैंकों यूनियान ने यह भी ऐलान किया है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो 1 अप्रैल से वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे।

ये हैं बैंक कर्मचारियों की मांग : सरकारी बैंक कर्मचारियों की मांग है कि हर 5 साल बाद उनके वेतन को रिवाइज किया। यह सहमति यूनियन लीडर्स और बैंक प्रबंधन से कई बैठकों के बाद बनी है। बैंक कर्मचारियों की सैलरी को अंतिम बार 2012 में रिवाइज किया गया था। साल 2017 से अब तक इसे रिवाइज नहीं किया गया है।

बैंक यूनियनों हर दूसरे शनिवार की छुट्टी के भी विरोध में हैं। हालांकि, इंडियन बैंक एसोसिएशन ने 5 दिवसीय कार्य सप्ताह के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि कि किसी भी और देश के मुकाबले भारत में पहले से ही सबसे ज्यादा पब्लिक होलीडेज हैं।

आईबीए के मुताबिक बैंकों को रविवार के साथ सभी शनिवार के दिन बंद करने से आम लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बैंक यूनियन्स की अन्य मांगों में स्पेशल अलाउएंस को मूल वेतन में शामिल करने, नई पेंशन योजना को खत्म करने और पारिवारिक पेंशन को बेहतर बनाने जैसी मांगे शामिल हैं।

 

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