बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिक!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। झोलाछाप चिकित्सकों की धड़पकड़ का अभियान अब ठंडे बस्ते के हवाले होता दिख रहा है। ग्रामीण अंचलों में बिना पंजीयन के ही अनेक झोला छाप चिकित्सक लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करते नज़र आ रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि लगभग प्रत्येक वर्ष ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के द्वारा झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की गयी थी। उसके बाद यह अभियान ठण्डे बस्ते के हवाले ही हो गया है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सकों के द्वारा प्रत्येक वर्ष एक शपथ पत्र भरकर दिया जाता है कि उनके द्वारा अस्पताल के समय के बाद अपने निवास के अलावा अन्य किसी क्लीनिक या अस्पताल में अपनी सेवाएं नहीं दी जायेंगी। इसके बाद भी जिला मुख्यालय में ही सरकारी चिकित्सकों के दवाखाने देखते ही बनते हैं।

जिले भर में चल रहे पैथालॉजी लेब्स की अगर जाँच करवा ली जाये तो रक्त नमूना संग्रह (कलेक्शन सेंटर्स) की आड़ में अनेक पैथालॉजी लेब्स का संचालन भी धड़ल्ले से किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के द्वारा कथित तौर पर की जा रही अनदेखी के बाद अब लोगों ने जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से इस मामले में कार्यवाही की अपील की है।