इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहा महासंयोग

 

शिव भक्तों पर बरस सकती है माता महालक्ष्मी की कृपा

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। इस साल महाशिरात्रि का पर्व 21 फरवरी अर्थात शुक्रवार को मनाया जायेगा। इस दिन की प्रतीक्षा शिव भक्त बेसब्री से करते हैं, क्योंकि इस दिन शिवजी की पूजा का अपना अलग महत्व होता है। यह भगवान शिव का प्रिय दिन माना जाता है।

मराही माता स्थित कपीश्वर हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी उपेंद्र महाराज ने बताया कि इस साल की महाशिवरात्रि पर कुछ ऐसे संयोग बने हैं जो भक्तों के लिये बहुत ही शुभ फलदायी हैं। इस दिन शिवजी की पूजा से जहाँ मुक्ति का मार्ग बनेगा वहीं महालक्ष्मी और देवी पार्वती की कृपा से धन और वैवाहिक जीवन के सुखों में वृद्धि का योग रहेगा। आईये जानें महाशिवरात्रि पर यह महासंयोग कैसे बना है?

महाशिवरात्रि पर शिव के साथ महालक्ष्मी कृपा : इस वर्ष महाशिवरात्रि 21 फरवरी को है, इस दिन शुक्रवार रहेगा जो देवी लक्ष्मी को समर्पित दिन है। इसके साथ ही इस दिन श्रवण नामक शुभ नक्षत्र मौजूद रहेगा। श्रवण नक्षत्र के ग्रहपति चंद्रमा हैं और इसके देवता भगवान विष्णु हैं।

शास्त्रों में कहा गया है कि श्रवण नक्षत्र में शिवरात्रि और सावन सोमवार का होना उस दिन के महत्व को कई गुणा बढ़ा देता है क्योंकि इस नक्षत्र में पूजा करने से भगवान शिव बड़े प्रसन्न होते हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा करने से आपका चंद्रमा बलवान होगा और मानसिक बल बढ़ेगा। शुक्रवार को शिवरात्रि व्रत पूजन करने से माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होंगी।

महाशिवरात्रि पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग : महाशिवरात्रि के दिन इस बार ऐसा संयोग बना है कि कई प्रमुख ग्रह अपनी राशि और उच्च राशि में उपस्थित हैं। धन और सुख के कारक ग्रह शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में हैं। शनि महाराज अपनी राशि मकर में। गुरु अपनी राशि धनु में जो उनकी मूलत्रिकोण राशि है उसमें रहेंगे।

इसके साथ ही राहु केतु भी उच्च की राशि में मौजूद रहेंगे। ग्रहों का यह ऐसा दुर्लभ संयोग है जो कई तरह की अशुभ स्थितियों को दूर करने वाली है। इस शुभ संयोग में भगवान शिव सहित माता पार्वती और देवी लक्ष्मी की पूजा बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा।

महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग : 21 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि नामक शुभ योग भी बना हुआ है। इस शुभ योग को ज्योतिष शास्त्र में सभी अशुभ बाधाओं को दूर करने वाला कहा गया है। इस योग में कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। इसके अलावा भोग – मोक्ष की प्राप्ति के लिये शिव उपासना, रुद्राभिषेक, महा मृत्युंजय जप, हवन करवाना भी कल्याणकारी रहेगा।

जीवन में केवल एक बार मिलता है यह संयोग : इस वर्ष महा शिवरात्रि पर ज्योतिष शास्त्र में बताये गये 05 महायोगों में से दो महायोग भी बन रहे हैं। शनि के अपनी राशि में होने से शश नामक योग रहेगा जबकि गुरु के खुद की राशि में होने से हंस नामक राजयोग रहेगा। इन योगों की एक साथ उपस्थिति होने पर महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की पूजा करना बड़ा ही दुर्लभ माना गया है। ऐसा संयोग फिर 59 साल बाद ही बनेगा। यानी आपके जीवन में ऐसा संयोग महज एक बार ही होने वाला है।