सीबीआई से करायी जाये रोडरेज घटना की जाँच

 

 

युवाओं ने सौंपा प्रशासन को ज्ञापन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। रामसेना एवं अन्य सामाजिक संगठनों के द्वारा डूण्डा सिवनी थानांतर्गत रविवार को घटी रोडरेज जैसी घटना की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराये जाने की माँग को लेकर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा है।

भवन सिंह ठाकुर, मयूर दुबे, नीतेश नामदेव आदि के द्वारा हस्ताक्षरित इस ज्ञापन में कहा गया है कि 16 फरवरी को शाम लगभग साढ़े छः बजे सेलुआ घाटी में घटित रोडरेज की दुःखद घटना में एक व्यक्ति की जान चली गयी। इसमें पुलिस के द्वारा दबाव में आकर धारा 302 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है जो अनुचित है।

ज्ञापन में कहा गया है कि इसका लाभ लेते हुए कतिपय लोगों के द्वारा मंगलवार को कटंगी नाका बायपास पर चक्का जाम कर शुभम बघेल को आरोपी बनाये जाने की माँग की जा रही थी। प्रशासन के द्वारा इन लोगों की माँग को मान लिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इतना ही नहीं इस चक्काजाम का वीडियो बना रहे राजस्व निरीक्षक रमेश राणा के साथ लोगों के द्वारा मारपीट की गयी है।

ज्ञापन में कहा गया है कि रास्ता रोकने, सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट किये जाने पर भी पुलिस के द्वारा किसी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। इसके पूर्व भी धारा 144 लगे रहने के दौरान भी सीएए और एनआरसी को लेकर कतिपय लोगों के द्वारा नारेबाजी किये जाने, भारी तादाद में एकत्र होने के बाद भी किसी पर किसी तरह का अपराध दर्ज नहीं किया गया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि रविवार की यह घटना सेलुआ घाटी में शाम साढ़े पाँच बजे से सात बजकर बीस मिनिट के बीच घटी है। इस समयावधि में शुभम बघेल (जिसे आरोपी बनाये जाने की बात कही जा रही है) घटना स्थल के आसपास भी नहीं था।

ज्ञापन में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि इस दुःखद घटना में जिस व्यक्ति की जान गयी है वह अन्य प्रदेश का निवासी था और अपनी पहचान छुपाकर, मुसाफिरी दर्ज कराये बिना ही सिवनी में रह रहा था।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शुभम बघेल के खिलाफ कतिपय लोगों के दबाव में आकर प्रशासन के द्वारा उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गयी है। इसके खिलाफ शुभम बघेल के द्वारा दायर रिट पिटीशन डब्ल्यूपी 14383: 2019 की सुनवायी के दौरान माननीय न्यायालय के द्वारा 11 फरवरी 2020 को पारित आदेश में प्रशासन पर एक लाख रूपये की कास्ट भी लगायी गयी है, जिसके चलते कतिपय लोग और प्रशासन शुभम बघेल के खिलाफ है।

ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कतिपय लोगों के दबाव में आकर पुलिस के द्वारा कार्यवाही की जा रही है वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है, इसलिये इस पूरे घटनाक्रम की जाँच सीबीआई से कराये जाने की माँग इनके द्वारा की गयी है।