हर पंचायत मुख्यालय में खुलेंगी गौ-शालाएं

 

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने की घोषणा

(ब्यूरो कार्यालय)

छिंदवाड़ा (साई)। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि गौ-वंश के संरक्षण के साथ ही गौ-शालाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आय वृद्धि का साधन बनें, सरकार इस लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में हर पंचायत मुख्यालय में गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। सरकार बनते ही हमने वचन-पत्र के इस वादे को पूरा किया है।

कमल नाथ ब्रहस्पतिवार को छिंदवाड़ा जिले के ग्राम उमरहर में 30 लाख रुपये लागत की आदर्श गौ-शाला का लोकार्पण कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-संरक्षण के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गौ-मूत्र और गोबर से जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनके विभिन्न उत्पादों के विपणन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गौ-पालन से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि वचन-पत्र के वादे के मुताबिक सरकार क्रमबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में गौ-शालाओं का निर्माण करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में 31 गौ-शालाएं बनाई जाएंगी।

कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए एक नए नजरिए और दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का आधार छिंदवाड़ा मॉडल को बनाया गया है। इस तर्ज पर सभी क्षेत्रों में विकास की पहल की गई है। रोजगार के लिए निवेश का एक नया माहौल बनाया गया है, जिसके परिणाम मिलने शुरु हो गए हैं। इसके लिए उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुगम और सरल बनाया गया है। निवेशकों का इससे मध्यप्रदेश में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार के प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही, किसानों और आम जनता की जरूरतों से जुड़ी योजनाएं बनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि घोषणाएं न करके यह सरकार जमीनी-स्तर पर काम करके जनता का विश्वास प्राप्त करना चाहती है।