सड़क पर रखे लोहे के गेट ने बुझा दिया एक घर का चिराग!

 

सड़कों पर लापरवाही से टिकाकर रख दिये जाते हैं लोहे के सामान!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। शहर में वेल्डिंग की दुकानों के सामने रखे लोहे के सामान को इस कदर असावधानी और लापरवाही से रखा जाता है कि कभी भी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसी तरह के एक हादसे में एक परिवार का चिराग सोमवार को उस समय बुझ गया जब उसके ऊपर, दीवार से टिकाकर रखी गयी लोहे की चौखट गिर गयी।

कोतवाली पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सोमवार की सुबह विवेकानंद वार्ड में घासी मोहल्ला चौराहा से कटंगी नाका जाने वाले मार्ग पर एक वेल्डिंग की दुकान के पास पड़ोस के दो बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उन पर लोहे का लगभग दो सौ किलो वजन का भारी भरकम खिड़कीयुक्त गेट उन पर जा गिरा जिससे वे बुरी तरह घायल हो गये।

सूत्रों ने आगे बताया कि विवेकानंद वार्ड निवासी इमरान खान के पाँच वर्षीय पुत्र मुजम्मिल अपनी छोटी बहन मदिया खान (03) के साथ सुबह लगभग साढ़े सात बजे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते – खेलते वे वेल्डिंग की दुकान के पास जा पहुँचे, जहाँ दीवार से टिकाकर रखा गया गेट उन पर गिर गया।

सूत्रों ने आगे बताया कि बच्चों के ऊपर गेट गिरते ही वहाँ अफरा तफरी मच गयी। आसपास के लोग तत्काल ही बच्चों को बचाने दौड़ पड़े। गेट का वजन बहुत ज्यादा था, इसलिये काफी लोगों को मिलकर गेट हटाने में मशक्कत करना पड़ा। इसके बाद दोनों बच्चों को तत्काल ही जिला चिकित्साल ले जाया गया।

सूत्रों ने बताया कि जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने परीक्षण के दौरान मुजम्मिल को मृत घोषित कर दिया, वहीं मदिया का उपचार जारी है। पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए मृत बच्चे का शव परीक्षण करवाकर, उसके शव को परिजनों को सौंप दिया है। जो गेट इन पर गिरा था, वह लगभग ढाई टन वजनी बताया जा रहा है।

सूत्रों ने आगे बताया कि इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच कर रही है। सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया इस मामले में दुकान संचालक सलीम खान की जवाबदेही सामने आ रही है, क्योंकि उसके द्वारा दुकानों के सामने लापरवाही पूर्वक सामान रखा गया था, जिससे इस तरह की दुर्घटना घटित हुई।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि प्रशासन की लापरवाही के चलते जिले भर में इस तरह के अनेक व्यापार संचालित हो रहे हैं जो असुरक्षित तरीके से किये जा रहे हैं। शहर के अंदर कबाड़ी वालों के गोदाम बने हुए हैं तो माचिस के गोदाम भी शहर के अंदर ही हैं। अगर यहाँ कभी आग लग जाये तो बड़ी घटना के घटने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

इसके अलावा वेल्डिंग, शटर, रैलिंग आदि का काम करने वालों के द्वारा भी अपने, आधे से ज्यादा सामान को सड़कों पर ही बिखरा दिया जाता है, जिससे यातायात भी बाधित होता है। इतना ही नहीं, इनके द्वारा दुकान बंद किये जाने के बाद अपने सामान को सुरक्षित तरीके से नहीं रखा जाता है। लोगों ने प्रशासन के ध्यानाकर्षण की अपेक्षा व्यक्त की है।