बोतल में बंद मेडिकल का जिन्न!

 

(शरद खरे)

सिवनी में मेडिकल कॉलेज़ कब खुल पायेगा, इस पर से कुहासा हट नहीं सका है। वर्ष 2018 में अक्टूबर माह में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा सिवनी में मेडिकल कॉलेज़ खोले जाने की घोषणा की गयी थी। इसके बाद यही कहा जा रहा था कि यह चुनावी शिगूफा है। आज तक इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ने से यही प्रतीत हो रहा है कि सिवनी के लिये केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा अब तक प्रस्तावित अधिकांश योजनाओं की तरह इस मामले को भी ठण्डे बस्ते के हवाले ही कर दिया गया है।

दो साल पहले अक्टूबर माह में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा सिवनी में मेडिकल कॉलेज़ खोले जाने की घोषणा की गयी थी। इसके लिये बकायदा भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। इस आयुर्विज्ञान महाविद्यालय की घोषणा को उस समय चुनावी शिगूफे के रूप में भी देखा जा रहा था।

इसके बाद 2018 में ही दिसंबर में नयी सरकार के गठन के साथ ही उसके अनेक विधान सभा सत्र भी हो चुके हैं, पर पहले के सत्रों में भी जिले का कोई विधायक मेडिकल कॉलेज़ के लिये फिकरमंद नज़र नहीं आया। भूमि पूजन कार्यक्रम में विधायक दिनेश राय की भूमिका चूँकि काफी सशक्त थी इसलिये उनसे उम्मीद की जा रही थी कि वे ही इस मामले में पहल करेंगे। उनके द्वारा पिछले सत्र में इस संबंध में प्रश्न उठाया भी गया था।

सिवनी में खुलने वाले मेडिकल कॉलेज़ के लिये 2014 में मनमोहन सरकार के कार्यकाल में ही लिखा पढ़ी आरंभ हो गयी थी। इसलिये माना जा सकता है कि सिवनी का मेडिकल कॉलेज़ भले ही शिवराज सिंह चौहान के नेत्तृत्व वाली सरकार की घोषणा हो पर इसके गर्भ में काँग्रेस की केंद्र सरकार के प्रयास छुपे हुए हैं।

इस लिहाज़ से जिला काँग्रेस कमेटी से उम्मीद थी कि उसके पदाधिकारी प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे सहित अपने दोनों विधायकों योगेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह काकोड़िया के जरिये प्रदेश सरकार पर दबाव बनाये ताकि इस मेडिकल कॉलेज़ की संस्थापना के काम में तेजी आ सके। यह तभी संभव है जबकि इसके लिये बजट का आवंटन किया जाये। अभी बजट सत्र आने को है तो इसके लिये प्रयास किये जा सकते हैं।

केंद्र पोषित फोरलेन, रेल लाईन के अमान परिवर्तन की योजनाओं के कार्य मंथर गति से सालों साल से जिस तरह ये जारी हैं, उसी तर्ज पर सिवनी का मेडिकल कॉलेज़ न अटक जाये इसके लिये प्रयास करना आवश्यक है। इस मेडिकल कॉलेज़ का श्रेय किसी को भी मिले पर यह उपलब्धि तो सिवनी जिले के लिये ही होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिये यह निश्चित तौर पर एक नायाब तोहफा भी साबित हो सकता है।

सिवनी में अगर मेडिकल कॉलेज़ की स्थापना हो जाती है तो अनेक रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक यहाँ मेडिकल के विद्यार्थियों को पढ़ायेंगे जिनका लाभ यहाँ की जनता को मिल पायेगा। सिवनी के मेडिकल कॉलेज़ से पढ़कर निकले विद्यार्थियों में से कुछ चिकित्सक बनने के बाद सिवनी में ही बस जाना पसंद कर सकते हैं जो आने वाले समय में सिवनी को चिकित्सकीय दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने और नागपुर के चिकित्सकों पर निर्भरता कम कर सकता है।

सरकार चाहे किसी की भी हो पर विधायक के पास जनता का जनादेश होता है। इस लिहाज़ से दिनेश राय सहित जिले के चारों विधायकों राकेश पाल सिंह, योगेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह काकोड़िया को चाहिये कि वे इस मामले में पहल करते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री से मिलकर मेडिकल कॉलेज़ की स्थापना के मार्ग प्रशस्त करायें।