पढ़ायी के समय अपना सम्मान करा रहे शिक्षक!

 

शिक्षक संगठनों की चुप्पी भी बनी रहस्यमय, विद्यार्थियों का हो रहा नुकसान!

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। शिक्षकों को जिस समय शाला में अध्ययन का कार्य कराना चाहिये, उस दौरान सरकारी शालाओं के शिक्षकों के द्वारा अपना सम्मान करवाया जा रहा है। इस तरह के सम्मान कार्यक्रमों का आयोजन या तो अवकाश के दिन किया जाना चाहिये या शिक्षक दिवस के अवसर पर!

जिले में आलम यह है कि शिक्षा के प्रति समर्पित माने जाने वाले शिक्षक, सम्मान समारोह में खुद को आगे दिखाना चाह रहे हैं। परीक्षाओं के दौर में भी विकास खण्ड स्तर पर शिक्षकों को एकत्रित कर सम्मानित किये जाने का क्रम जारी है। जिला स्तर के बाद जिले के विकास खण्ड स्तर पर शिक्षकों का सम्मान समारोह के होने से विद्यार्थियों की पढ़ायी का नुकसान होना स्वाभाविक ही माना जा रहा है।

शनिवार को मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी के तहत शिक्षक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह, छपारा विकास खण्ड के जन शिक्षा केंद्र गोरखपुर के अंतर्गत हाई स्कूल गोरखपुर में रखा गया।

छपारा बीआरसीसी गोविंद प्रसाद उईके ने बताया कि इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल से आये डॉ.दामोदर जैन एवं डॉ.प्रवीण अरुण भोपे, कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच, जिला शिक्षा अधिकारी जी.एस. बघेल, जिला परियोजना समन्वयक जे.के. इड़पाचे, पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक, एपीसी महेश बघेल, चुनेंद्र बिसेन, बरघाट बीआरसी प्रभू दयाल नाग, सिवनी बीआरसी राहुल प्रताप सिंह, तहसीलदार नितिन गौड़, सीईओ जनपद लोकेश नारनोरे, छपारा टीआई नीलेश परतेती, बीएसी राकेश तिवारी, रवि शंकर ठाकुर, मंजूलाल इनवाती, घनश्याम सनोडिया, विकास खण्ड के समस्त जन शिक्षक, शिक्षक – शिक्षिकाएं, छात्र – छात्राओं और नागरिक गण उपस्थित थे।

समीप हैं वार्षिक परीक्षाएं : जब पाँचवीं, आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर होनी हैं और शिक्षकों के पास पढ़ाने के लिये अब कम समय रह गया है। ऐसे में आवश्यश्क हो जाता है कि ज्यादा से ज्यादा समय शिक्षक, क्लास रूम में विद्यार्थियों को पढ़ायें, तब भी शिक्षकों को सिर्फ स्मार्ट क्लास बनाने में ध्यान है। शिक्षकों का ऐसे समारोह में बार – बार पहुँचना या बुलाया जाना चिंता का विषय है। प्रयास तो तब सफल हों, जब क्लास ही नहीं विद्यार्थी भी स्मार्ट हों, यह तभी संभव हो सकेगा, जब पूरे मन से शिक्षक शिक्षण कार्य करवायें।

रविवार को भी हो सकते हैं आयोजन : लोगों का कहना है कि सिवनी में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं संगोष्ठी के उपरांत विकास खण्ड कुरई, विकास खण्ड बरघाट और इसी क्रम में शनिवार को विकास खण्ड छपारा के शिक्षकों को एकत्रित कर सम्मानित किया गया। विभाग में ही यह चर्चा जोर पकड़ रही है, कि ऐसे आयोजन रविवार को भी हो सकते हैं। माना जा रहा है कि जब तक स्वयं प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं होंगे, स्थिति बेहतर नहीं हो सकती।

शिक्षक जुटा रहे हैं सामग्री : छपारा बीआरसीसी ने बताया कि इस मुहिम के साथ विकास खण्ड में कुल 276 शालाओं में से 201 शालाओं में स्मार्ट क्लास संचालित हो चुकी हैं। शिक्षक एवं जन सहयोग के द्वारा पूरे विकास खण्ड में फर्नीचर, स्वेटर और गद्दे, प्रोजेक्टर, स्कूल बैग, अलमारी लगभग 45 लाख रूपये की सामग्री शिक्षकों के द्वारा एवं जन सहयोग द्वारा प्रदान की गयी है। मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी में सहयोगी बने शिक्षक – शिक्षिकाओं को अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।

शिक्षक संगठनों का मौन आश्चर्य जनक : ऐन परीक्षाओं के दौरान अगर शिक्षकों के सम्मान के लिये इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और शिक्षक संगठन इस मामले में मौन साधे हुए हैं, तो संगठनों पर उंगली उठना लाज़िमी है। शिक्षकों के बीच चल रहीं चर्चाओं के अनुसार शिक्षक संगठन के कर्त्ताधर्ताओं को भी शिक्षा विभाग में मठाधीश बनकर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा साध लिया गया है, जिसके चलते संगठन के आलंबरदार भी मुँह नहीं खोल पा रहे हैं।

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