माह में दो बार कार्यकर्त्ताओं से मिलें मंत्री

 

प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने दिये निर्देश

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। अखिल भारतीय काँग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने मंत्रियों को नसीहत दी है कि वे महीने में दो बार जिला काँग्रेस कार्यालय जाकर कार्यकर्त्ताओं से मिलें, उनकी बात सुनें। प्रभार वाले जिलों में आमजन की परेशानियों को बिना रागद्वेष के साथ हल करें।

राजधानी भोपाल के वीआईपी गेस्ट हाउस में दोपहर तीन बजे के बाद एआईसीसी महासचिव बाबरिया की मंत्रियों से सीधी बात आरंभ हुई। देर शाम तक उनसे मुलाकात करने के लिये 12 मंत्री पहुँचे थे। सहकारिता मंत्री डॉ.गोविंद सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.विजयलक्ष्मी साधौ, जल संसाधन मंत्री हुकुम चंद कराड़ा, गृह मंत्री बाला बच्चन, वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, वन मंत्री उमंग सिंघार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री हर्ष यादव, नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल की बाबरिया से सीधी बातचीत हुई।

बाबरिया ने शुरुआत में एक-एक मंत्री के साथ बैठक की, लेकिन शाम होने तक तीन – तीन, चार – चार मंत्रियों को एकसाथ बुलाकर चर्चा की। कुटीर व ग्रामोद्योग मंत्री हर्ष यादव की लगभग तीन घण्टे तक बैठक हुई।

एक वर्ष में 80 फीसदी वचन पूरे करने का कार्यक्रम बनायें : बताया जाता है कि मंत्रियों को प्रभार के जिलों में संगठन को पर्याप्त महत्व देने की नसीहत दी गयी। प्रदेश काँग्रेस कार्यालय में बैठने को कहा तथा जिला काँग्रेस कमेटियों के कार्यालयों में नियमित रूप से पहुँचने की हिदायत दी।

उन्होंने जिला कार्यालयों में नेताओं व कार्यकर्त्ताओं के बीच सुनवायी कार्यक्रम रखने के निर्देश दिये। मंत्रियों से श्री बाबरिया ने कहा कि वे नीचे स्तर तक जाकर एससी – एसटी, ओबीसी के लोगों की समस्याएं सुनें। एक वर्ष में वचन पत्र के 80 फीसदी वचनों को पूरा करने की योजना पर काम करने को कहा।

बावरिया ने सुनी नेता के परिजन की शिकायत : भोपाल के प्रदेश काँग्रेस कार्यालय में जब कँंग्रेस नेता से बावरिया से मुलाकात कर रहे थे तो सतना के जिला काँग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष माधव चौधरी के परिजन मिलने पहुँचे। वे अपने परिवार के साथ घटी घटना सुनाते – सुनाते बिलख – बिलख कर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 जनवरी को हुई घटना में भाजपा नेताओं के इशारे पर माधव चौधरी को हत्या के मामले में फंसाकर जेल भेज दिया, लेकिन उनके घर लूटपाट – आगजनी की घटना में अब तक कार्यवाही नहीं हुई।