जरा संभलकर ओढ़ना ट्रेन का कंबल!

 

महीने में महज एक बार ही धुलता है यह कंबल!

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। कोरोना वायरस से बचने के लिए एडवाइजरी जारी होने के बाद रेलवे हॉस्पिटल ने भी अपने कर्मचारियों को इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है, लेकिन अभी तक ट्रेन में सफर करने वालों के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

खासतौर पर एसी कोच में सफर करने वाले उन यात्रियों के लिए, जो रेलवे का कंबल उपयोग करते हैं। दरअसल, एसी कोच में बेडरोल के साथ मिलने वाला कंबल 30 दिन में एक बार धुलता है। इस दौरान करीब 60 से ज्यादा यात्री इसे ओढ़ते हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।

एक बार उपयोग के बाद धुलते हैं चादर और टॉवेल : जबलपुर रेल मंडल से रवाना होने वाली करीब 14 से 16 ट्रेनों में 04 से 06 हजार कंबल चढ़ते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश ऐसे हैं, जो 30 दिन बाद भी नहीं धुलते। हालांकि रेलवे का दावा है कि वह चादर-टॉवेल को एक बार उपयोग के बाद साफ करता है। इनकी सफाई में विशेष तरह के कैमिकल का उपयोग होता है, जिससे इंफेक्शन नहीं होता, लेकिन 30 दिन में एक बार धुलने वाले कंबल को लेकर कई अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।