न्यायालय के आदेश को ही बता रहे धता!

 

पुलिस, पटवारी ने रात के अंधेरे में रूकवाया काम

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने वाले भू माफियाओं के खिलाफ प्रदेश सरकार के द्वारा बकायदा अभिायान छेड़े जाने के बाद भी जिले में भू माफियाओं पर लगाम लगाने में प्रशासन अक्षम ही नज़र आ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से अतिक्रमण कर कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रहे कृष्णकांत अग्रवाल के खिलाफ 17 फरवरी को तहसील न्यायालय छपारा से स्थगन आदेश जारी किया गया था। न्यायालय के स्थगन आदेश का माखौल उड़ाते हुए कृष्णकांत अग्रवाल के द्वारा रातों रात शनिवार को छत ढालने की तैयारी की जा रही थी।

बताया जाता है कि इसकी सूचना स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस व राजस्व विभाग को दिये जाने के बाद तहसीलदार के आदेश पर पटवारी ने मौके में पहुँचकर काम को रुकवाया है, इसके साथ ही मजदूरों को भी थाने ले जाया गया। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि जिस स्थान पर तहसीलदार के द्वारा आदेश देकर काम रूकवाया था, उस स्थान पर रातों रात निर्माण करने की हिमाकत आखिर कैसे कर ली गयी।

गौरतलब है कि छपारा में इन दिनों सरकारी भूमि पर बेजा कब्जा किया जा रहा है जिसका व्यवसायिक उपयोग जमकर किया जा रहा है। छपारा में भू माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही पूरी तरह ठंडे बस्ते में है। इसके चलते अतिक्रमण करने वालों के हौसले पूरी तरह बुलंदी पर दिख रहे हैं।