प्रशासकीय समिति के हाथ में रहेगी पंचायत की कमान

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। प्रदेश में पंचायत चुनाव फिलहाल नहीं होंगे। मई अंत तक मतदाता सूची तैयार होगी और इसके बाद मानसून आ जाएगा। इससे पंचायतों का सामान्य कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए कमलनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासकीय समिति बनाने का फैसला किया है।

समिति का प्रधान वही सरपंच होगा, जिसका कार्यकाल समाप्त होने से समिति अस्तित्व में आएगी। इतना ही नहीं, प्रधान और पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत के खातों से राशि निकालने का अधिकार भी रहेगा। प्रदेश में 23 हजार 922 पंचायतें हैं और अधिकांश का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को देर शाम मंत्रालय में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी हुई थी। इसमें कार्यकाल समाप्त होने पर पंचायतों की कमान प्रशासक को देने की जगह प्रशासकीय समिति गठित करने का सुझाव मंत्रियों ने रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने रविवार को सभी कलेक्टरों को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने पर प्रशासकीय समिति बनाने और खातों से आहरण के अधिकार देने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल मार्च अंत में समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची बनाने का काम करवा रहा है। ऐसे में चुनाव होना संभव नहीं है। इसकी वजह से पंचायतों का काम प्रभावित हो सकता है।

इसके मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि पंचायतों के कामकाज बाधित न हो, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्रशासकीय समिति बनाई जाएगी। समिति में वे सब पदाधिकारी, जो पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से पहले पंचायत सदस्य थे, रखे जाएंगे। पूर्व सरपंच को समिति का प्रधान बनाया जाएगा। इसके साथ ही दो ऐसे व्यक्ति भी मनोनीत किए जाएंगे, जिनका नाम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में होगा। मनोनयन न होने की सूरत में भी समिति काम करती रहेगी।