जल संकट से निपटने के लिये समय रहते बनायी जाये योजना

 

 

इस स्तंभ के माध्यम से मैं जिला प्रशासन से आग्रह करना चाहता हूँ कि पिछले वर्षों में जिले के जो ग्रामीण अंचल जल संकट की समस्या से दो चार होते आये हैं उनकी ओर समय रहते ध्यान दे दिया जाये ताकि वे गर्मी के दिनों में परेशानी में न पड़ सकें।

गौरतलब होगा कि गर्मी के दिनों में आम लोगों के द्वारा पशु पक्षियों के लिये जल की उचित व्यवस्था बनाने की अपीलें की जाती हैं, वहीं सिवनी जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ के लोग पेयजल के लिये ही तरस जाते हैं। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि जिन ग्रामों में पेयजल का परिवहन किये जाने की आवश्यकता पड़ती है, उन ग्रामों को चिन्हित किया जाकर, उनके लिये विशेष कार्य योजना बनायी जाना चाहिये।

इसके साथ ही गाँवों में चल रही नल जल योजना की भी सतत मॉनिटरिंग किये जाने की आवश्यकता है ताकि कोई भी नल जल योजना बंद न रह पाये। आवश्यकता समझी जाये तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को भी निर्देश दिये जायें कि जिले के प्रत्येक ग्रामों तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

ग्रामों में बंद पड़े हैण्डपंपों की ओर भी समय रहते ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। यदि इन हैण्डपंपों में पानी की उपलब्धता है तो वे क्यों बंद पड़े हैं, इस ओर ध्यान दिया जाकर उनका सुधार कार्य करवा दिया जाये तो संबंधित ग्राम वासियों के लिये सिर्फ गर्मी के मौसम में ही नहीं बल्कि अन्य दिनों में भी साफ पेयजल मुहैया करवाया जा सकेगा।

इस कार्य के लिये ग्राम पंचायतों के माध्यम से जानकारियां बुलायी जाना चाहिये कि उनके क्षेत्र में पेयजल की क्या स्थिति है। पेयजल की व्यवस्था के साथ ही साथ अग्निशामक वाहन भी सूचना पर तत्काल उपलब्ध होना चाहिये क्योंकि गर्मी के दिनों में अग्नि की दुर्घटनाएं ज्यादा प्रकाश में आती हैं जिसमें कई बार तो किसानों की पूरी की पूरी फसल ही स्वाहा हो जातीं हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि गर्मी के दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिये अग्निशामक वाहनों को न लगाया जाये ताकि सूचना पर ये तत्काल ही मौके पर पहुँच सकें।

मंजूर नकवी