शहर की शराब दुकानें विस्थापित की जाना चाहिये!

 

 

सिवनी में बुधवारी, बस स्टैण्ड एवं बारापत्थर क्षेत्र की शराब की दुकानों को वर्तमान स्थल से विस्थापित किये जाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। नागरिक इन दुकानों और इनके आसपास की गतिविधियों से परेशान हैं लेकिन संबंधितों का ध्यान इस ओर जाता नहीं दिख रहा है।

सिवनी में बस स्टैण्ड प्रमुख स्थान माना जाता है। यहाँ से भैरोगंज जाने या वहाँ से मुख्य शहर की ओर वाले पुरूष और महिलाएं दल सागर के पीछे वाले मार्ग का चयन शॉर्ट कट के रूप में करते हैं बजाय पोस्ट ऑफिस वाले मार्ग के। इस मार्ग पर अंग्रेजी और देशी शराब दुकान होने के कारण अधिकांश पुरूष और महिलाओं को पोस्ट ऑफिस वाले मार्ग का चयन मजबूरी में करना पड़ता है क्योंकि इन शराब दुकानों के ठीक बाहर ही मदिरा के शौकीन लोग, दिनदहाड़े भी मदिरापान करते रहते हैं।

मदिरापान करते वक्त इनमें से अधिकांश नशेड़ी वहाँ से गुजरने वालीं महिलाओं पर भद्दे कमेन्ट्स करने से बाज नहीं आते हैं। यही नहीं बल्कि इनके द्वारा कई बार नशे की हालत में वहाँ से गुजरने वाले पुरूषों को भी नाहक ही परेशान किया जाता है और इनकी इस तरह की आपत्तिजनक हरकतों पर, संबंधित विभाग कोई संज्ञान भी नहीं लेता दिखता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी मार्ग से होकर कई छात्र-छात्राएं भी गुजरते हैं क्योंकि भैरागंज क्षेत्र में महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल, पी.जी.कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान स्थित हैं जहाँ वे अध्ययन करते हैं। इन विद्यार्थियों को शराब दुकानों के सामने से होकर गुजरने में कई बार असहज स्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है।

जिला प्रशासन को चाहिये कि वह अविलंब शराब दुकानों के संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाये क्योंकि शराब दुकानों के संचालकों के द्वारा मदिरा के विक्रय के साथ ही सड़क पर ही मदिरापान करने की सुविधा नशेड़ियों को मुहैया करायी जा रही है। इन शराब दुकान के संचालकों को इस बात से कोई लेना-देना नजर नहीं आता है कि उनके द्वारा सड़क पर खुले में ही शराब पीने की सुविधा मुहैया कराये जाने के कारण आम जन जीवन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

वास्तव में इस मार्ग से अंग्रेजी और देशी शराब दुकानों को तत्काल हटाये जाने की आवश्यकता है क्योंकि मदिरा के शौकीन जो लोग हैं वे जहाँ भी दुकान ले जायी जायेगी वहाँ जाकर अपना शौक पूरा करके ही रहेंगे। इसलिये यह तय है कि शराब दुकान के विस्थापन से शराब ठेकेदार के मुनाफे पर प्रभाव पड़ने का कोई सवाल ही उत्पन्न नहीं होगा। यदि प्रशासन के द्वारा इन शराब दुकानों को वर्तमान स्थल से हटाकर कहीं एकांत में स्थापित किया जाता है तो इस मार्ग की उपयोगिता कई गुना बढ़ जायेगी और साथ ही साथ यहाँ से होकर गुजरने वाले पुरूष-महिला एवं विशेष रूप से विद्यार्थियों को भी राहत दिलायी जा सकेगी।

विकास तिवारी