राहुल गांधी की डिमांड, मजदूरों को सीधे पैसे और करों में दी जाए छूट

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि हमारा देश कोरोना वायरस से युद्ध लड़ रहा है। आज सवाल ये है कि हम ऐसा क्या करें के कम से कम जानें जाएं? स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सरकार की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मेरा मानना है कि हमारी रणनीति दो हिस्सों में बंटी हो।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए चिकित्सा सेवाओं में विस्तार करने के साथ दिहाड़ी मजदूरों को प्रत्यक्ष अंतरण के माध्मय से तत्काल पैसे दिए जाएं और नौकरियां बचाने के लिए कर में छूट दी जाए क्योंकि अगर इन कदमों में देरी हुई तो यह स्थिति विनाशकारी साबित होगी।

उन्होंने कुछ कदम सुझाते हुए कहा कि सरकार को कोरोना से लड़ने के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी लड़ाई लड़नी होगी। गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारा देश कोरोना वायरस से युद्ध लड़ रहा है। आज सवाल ये है कि हम ऐसा क्या करें कि कम से कम लोगों की जान जाए? स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सरकार की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। मेरा मानना है कि हमारी रणनीति दो हिस्सों में बंटी होनी चाहिए।

कांग्रेस ने मोदी से पूछा- लॉकडाउन में गरीबों का क्या होगा?

कांग्रेस ने मोदी से पूछा- लॉकडाउन में गरीबों का क्या होगा?कांग्रेस ने कोरोना वायरस को लेकर देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन का खुला विरोध तो नहीं किया, लेकिन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को लेकर सरकार की तैयारियां पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पहली रणनीति कोरोना का जमकर मुकाबला करना है। संक्रमण रोकने के लिए एकांत में रहना है और बड़े पैमाने पर मरीज़ों की जांच करना है। शहरी इलाक़ों में विशाल आपातकालीन अस्थाई अस्पताल का तुरंत विस्तार करना है, आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा, ‘दूसरी रणनीति अर्थव्यव्स्था को लेकर है। दिहाड़ी मज़दूरों को फ़ौरन सहायता चाहिए।उनके अकाउंट में प्रत्यक्ष अंतरण के जरिए पैसे पहुंचाए जाएं। राशन मुफ़्त उपलब्ध हो। इसमें कोई भी देरी विनाशकारी होगी। व्यापार ठप है। कर में छूट मिले, आर्थिक सहायता भी मिले ताकि नौकरियां बच जाएँ। छोटे-बड़े व्यापारियों को ठोस सरकारी आश्वासन मिले।

न्याययोजना लागू करें प्रधानमंत्री: कांग्रेस

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के संकट के कारण किसानों , मजदूरों और गरीबों के सामने पैदा हुई मुश्किल को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी द्वारा पेश की की गई न्यूनतम आय गारंटी योजना’ (न्याय) लागू करके लोगों के खातों में तत्काल 7,500 रुपये की राशि भेजनी चाहिए।

दरअसल, ठीक एक साल पहले, पिछले लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 25 मार्च को न्यायका वादा किया था। इसके तहत देश के करीब पांच करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया, ‘आदरणीय मोदी जी, देश तो लॉकडाउन का हर आग्रह मानेगा। पर आपने कोरोना की महामारी को रोकने के लिए क्या किया? स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा कैसे होगी? कोरोना से पैदा हुए रोज़ी रोटी के महासंकट का क्या हल किया? ग़रीब, मज़दूर, किसान, दुकानदार, दिहाड़ीदार के 21 दिन कैसे कटेंगे?’

उन्होंने सवाल किया, ‘मोदी जी, कोरोना संकट से लड़ने के लिए डॉक्टर-नर्स-स्वास्थ्य कर्मियों को लैस करना ज़रूरी है पर उनके लिए एन-95 मास्क, 3 प्लाई मास्क, हैज़्मैट सूट उपलब्ध क्यों नही है ? देश को मार्च में ही 7.25 लाख बॉडी सूट, 60 लाख एन-95 मास्क, 1 करोड़ 3 प्लाई मास्क की ज़रूरत है। ये कब मिलेंगे?’

सुरजेवाला ने यह भी पूछा, ‘कोरोना वायस के प्रसार के 84 दिन बाद आपकी सरकार ने आज 24 मार्च को वेंटिलेटर, सांस लेने के उपकरणों व हैंड सैनिटाइजर के निर्यात पर रोक लगाई है। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए यही आपकी तैयारी है? अब जागे तो क्या जागे?’ उन्होंने कहा, ‘आज सर्वाधिक ज़रूरत राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा सुझाई गई न्यूनतम आय योजनाको तत्काल लागू करने की है और यही वक़्त की मांग भी है। हर जन-धन खाते, प्रधानमंत्री किसान खाते व पेन्शन खाते में 7,500 रुपये तुरन्त जमा करवाएं ताकि ग़रीब लोग इन 21 दिनों में दो जून की रोटी खा सकें। जान है तो जहान है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘देश कोरोना वायरस से लड़ेगा भी और इसे हराएगा भी। पूरा देश आपकी सरकार की घोषणा के साथ है लेकिन उपायों से पूरी तरह निराश है। कठिन पल नेतृत्व की अग्निपरीक्षा लेते हैं। अफ़सोस…. आपकी सरकार इसके लिए तैयार नहीं है।

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